विदेश की खबरें | रूस की आंशिक सैन्य तैनाती रूसी जनता के लिए बड़ी त्रासदी: यूक्रेन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. प्रवक्ता सर्गेई निकोफोरोव ने ‘एपी’ को दिये बयान में कहा कि यूक्रेन में अग्रिम पंक्ति पर भेजे गये जवानों को भी उसी तरह के हालात का सामना करना पड़ेगा, जैसा कीव में हमले के दौरान भगा दिये गये रूसी जवानों का हाल हुआ।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

प्रवक्ता सर्गेई निकोफोरोव ने ‘एपी’ को दिये बयान में कहा कि यूक्रेन में अग्रिम पंक्ति पर भेजे गये जवानों को भी उसी तरह के हालात का सामना करना पड़ेगा, जैसा कीव में हमले के दौरान भगा दिये गये रूसी जवानों का हाल हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘यह रूस का उसकी पेशेवर सेना की अक्षमता को स्वीकार करना है जो अपने काम में पूरी तरह विफल रही है।’’

निकोफोरोव ने कहा, ‘‘जैसा कि हम देख सकते हैं, रूस के अधिकारी इस बात की भरपाई हिंसा के साथ करना चाहते हैं और अपने ही लोगों का दमन करना चाहते हैं। जितनी जल्दी यह रुकेगा, उतना ही कम रूसी सपूतों की मोर्चे पर जान जाएगी।’’

रूस के अधिकारियों ने कहा कि 3,00,000 ‘रिजर्विस्ट’ (आरक्षित सैनिक) की आंशिक तैनाती की योजना बनाई गई है।

रिजर्विस्ट ऐसा व्यक्ति होता है जो ‘मिलिट्री रिजर्व फोर्स’ का सदस्य होता है। यह आम नागरिक होता है ,लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे कहीं भी तैनात किया जा सकता है। शांतिकाल में यह सेना में सेवाएं नहीं देता है।

रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू ने कहा है कि प्रासंगिक लड़ाकू क्षमता और सेवा अनुभव वालों को ही तैनात किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि करीब ढाई करोड़ लोग इस मानदंड में फिट बैठते हैं, लेकिन इनमें से करीब एक प्रतिशत को तैनात किया जाएगा।

एपी

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