देश की खबरें | रूसी समाज ने सशस्त्र विद्रोह के प्रयासों के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन किया : पुतिन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को कहा कि रूसी समाज ने सशस्त्र विद्रोह के प्रयासों के खिलाफ एकजुटता दिखायी है और लोगों ने देश की सुरक्षा को लेकर अपनी जवाबदेही प्रदर्शित की है।

नयी दिल्ली, चार जुलाई रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को कहा कि रूसी समाज ने सशस्त्र विद्रोह के प्रयासों के खिलाफ एकजुटता दिखायी है और लोगों ने देश की सुरक्षा को लेकर अपनी जवाबदेही प्रदर्शित की है।

रूसी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में रूस में निजी सेना ‘वैग्नर ग्रुप’ ने मास्को के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। हालांकि, यह बगावत अल्पकालिक रही। इस घटना के बाद किसी बहुपक्षीय मंच पर पुतिन की यह पहली उपस्थिति थी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शासनाध्यक्षों की परिषद की 23वीं बैठक को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में कहा कि ‘बाहरी ताकतें’ हमारी सीमाओं के पास परियोजनाएं चला रही हैं ताकि रूस की सुरक्षा को खतरे में डाला जा सके।

उन्होंने बिना किसी का नाम लिये कहा कि पिछले आठ वर्षो से हथियारों की खेप भेजी जा रही है, डोनबास में शांतिप्रिय लोगों के खिलाफ आक्रामकता हो रही है जो नवनाजीवाद की तरह है।

उन्होंने कहा, ‘‘ रूसी लोग पहले से अधिक एकजुट हैं। देश की खातिर एकजुटता और उच्च जिम्मेदारी का स्पष्ट तौर पर प्रदर्शन किया गया और सशस्त्र विद्रोह के खिलाफ पूरे समाज ने एकजुटता का प्रदर्शन किया।’’

हाल ही में वैग्नर ग्रुप’ के प्रमुख येवगेनी प्रीगोझिन और उनके लड़ाकों ने रूस के खिलाफ विद्रोह करते हुए मॉस्को की तरफ कूच किया था। हालांकि, उन्होंने अचानक क्रेमलिन के साथ समझौते के बाद निर्वासन में जाने और पीछे हटने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद दो दशकों से अधिक समय से सत्तारूढ़ पुतिन के नेतृत्व पर भी सवाल उठे थे।

एससीओ की बैठक में पुतिन ने कहा, ‘‘इस अवसर पर मैं एससीओ के अपने सहयोगी देशों के सदस्यों को संवैधानिक व्यवस्था, जानमाल और नागरिकों की सुरक्षा करने में रूसी नेतृत्व का समर्थन करने के लिए धन्यवाद देता हूं।’’

उन्होंने कहा कि सभी एससीओ सदस्य देशों के साथ निर्यात लेनदेन में रूस की राष्ट्रीय मुद्रा की हिस्सेदारी वर्ष 2022 में 40 प्रतिशत से अधिक रही।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि एससीओ ‘सही अर्थो में न्यायपूर्ण’ और ‘बहुध्रुवीय’ विश्व व्यवस्था’ सृजित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

भारत की अध्यक्षता में डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक में रूस, चीन, पाकिस्तान के अलावा कजाकिस्तान, किर्गिजिस्तान, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और ईरान के नेताओं ने हिस्सा लिया।

एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों द्वारा की गई थी। वर्ष 2017 में भारत के साथ पाकिस्तान इसका स्थायी सदस्य बन गया।

दीपक

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