विदेश की खबरें | पहले से हमला करने की अमेरिका की रणनीति अपना सकता है रूस: पुतिन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पुतिन ने पूर्व सोवियत देशों के आर्थिक गठबंधन के किर्गिस्तान में हुए सम्मेलन में अमेरिकी नीति का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम इसके बारे में सिर्फ सोच रहे हैं। वे पिछले कुछ वर्ष में इसके बारे में खुलकर बात करने से कतराते नहीं रहे हैं।’’
पुतिन ने पूर्व सोवियत देशों के आर्थिक गठबंधन के किर्गिस्तान में हुए सम्मेलन में अमेरिकी नीति का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम इसके बारे में सिर्फ सोच रहे हैं। वे पिछले कुछ वर्ष में इसके बारे में खुलकर बात करने से कतराते नहीं रहे हैं।’’
क्रेमलिन कई वर्षों से तथाकथित ‘कन्वेंशनल प्रोम्प्ट ग्लोबल स्ट्राइक’ क्षमता विकसित करने के अमेरिका के प्रयासों को लेकर चिंता जताता रहा है जिसके तहत एक घंटे के भीतर ही दुनिया में कहीं भी पारंपरिक हथियारों से सटीक निशाना लगाने की कल्पना की गई है।
उन्होंने दावा किया कि रूस ने ऐसा हमला करने में सक्षम हाइपरसोनिक हथियारों को पहले ही तैनात कर दिया है जबकि अमेरिका ने अभी तक उन्हें तैनात नहीं किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब रूस के पास ऐसी क्रूज मिसाइल हैं जो अमेरिका की क्रूज मिसाइलों से भी आगे की दूरी तय कर सकती हैं।
पुतिन ने कहा कि अमेरिका ने पहले परमाणु हथियारों का प्रयोग करने की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर संभावित शत्रु को लगता है कि वह हमले के खतरे की आड़ में हमला करने की नीति अपना सकता है और हम नहीं, तो यह हमें दूसरे देशों की रक्षात्मक मुद्रा में ऐसे विचारों से उत्पन्न खतरों के बारे में सोचने पर मजबूर करता है।’’
इस बीच, अमेरिका के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि वाशिंगटन में राष्ट्रपति जो. बाइडन के सलाहकारों ने पुतिन की टिप्पणियों को ‘‘युद्ध भड़काने वाली’’ बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि बाइडन सामरिक परमाणु हथियार तैनात कर सकते हैं।
अधिकारी ने कहा कि रूसी सैन्य सिद्धांत लंबे समय यह रहा है कि मॉस्को के पास व्यापक सैन्य आक्रामकता के जवाब में परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल करने का अधिकार है।
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