जरुरी जानकारी | रुपया 10 पैसे कमजोर होकर 76.29 प्रति डॉलर पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशों में अमेरिकी डॉलर को मिली मजबूती और विदेशी कोषों की निकासी जारी रहने से सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की गिरावट के साथ 76.29 के भाव पर बंद हुआ। रुपये में गिरावट का यह लगातार तीसरा दिन रहा।
मुंबई, 18 अप्रैल विदेशों में अमेरिकी डॉलर को मिली मजबूती और विदेशी कोषों की निकासी जारी रहने से सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की गिरावट के साथ 76.29 के भाव पर बंद हुआ। रुपये में गिरावट का यह लगातार तीसरा दिन रहा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया सप्ताह के पहले कारोबारी दिवस पर 76.41 के कमजोर स्तर पर खुला और आखिर में 10 पैसे की गिरावट के साथ 76.29 के भाव पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपया 76.20 के उच्चस्तर और 76.43 के निचले स्तर तक गया था।
पिछले कारोबारी दिवस बुधवार को रुपया चार पैसे की गिरावट के साथ 76.19 रुपये प्रति डॉलर के भाव पर रहा था। बृहस्पतिवार को आंबेडकर जयंती और शुक्रवार को गुड फ्राइडे के मौके पर बाजार बंद रहे थे।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को आंकने वाला डॉलर सूचकांक 0.20 प्रतिशत बढ़कर 100.70 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.18 फीसदी की गिरावट के साथ 111.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,172.19 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 57,166.74 अंक पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 302 अंक टूटकर 17,173.65 अंक पर आ गया।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजारों से निकासी का सिलसिला जारी रखा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को विदेशी निवेशकों ने 2,061.04 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक श्रीराम अय्यर ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में आई गिरावट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में मजबूती बनी रहने के साथ ही डॉलर की मांग निकलने और बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने का नतीजा है।
हालांकि, कारोबार के अंत में रुपये को कुछ सार्वजनिक बैंकों की तरफ से डॉलर की बिकवाली करने से थोड़ा समर्थन मिला और यह दिन के निचले स्तर के ऊपर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान रुपया एशियाई बाजारों के रुझान से भी प्रभावित रहा। रूस और यूक्रेन के बीच जारी सैन्य संघर्ष से वैश्विक स्तर पर आपूर्ति चिंताएं गहराने से डॉलर एवं बॉन्ड प्रतिफल में मजबूती देखी गई।
इसके अलावा घरेलू स्तर पर थोक मुद्रास्फीति के मार्च महीने के आंकडों ने भी चिंता बढ़ाई है। थोक मुद्रास्फीति मार्च में 14.55 फीसदी रही जो चार माह का उच्चस्तर है। पिछले साल मार्च में यह 7.89 फीसदी रही थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 18, 2022 09:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

