जरुरी जानकारी | अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया आठ पैसे बढ़कर 85.79 प्रति डॉलर पर बंद हुआ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले रुपया आठ पैसे की तेजी के साथ 85.79 पर बंद हुआ। मजबूत शेयर बाजार तथा एशियाई मुद्राओं में आई तेजी से रुपये में दो दिनों से चली आ रही गिरावट पर विराम लगा।
मुंबई, पांच जून अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले रुपया आठ पैसे की तेजी के साथ 85.79 पर बंद हुआ। मजबूत शेयर बाजार तथा एशियाई मुद्राओं में आई तेजी से रुपये में दो दिनों से चली आ रही गिरावट पर विराम लगा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि बुधवार रात कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपये को समर्थन मिला लेकिन मजबूत अमेरिकी डॉलर सूचकांक ने रुपये की की तेजी पर लगाम लगाया।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति घोषणाओं से भी मिलने वाले संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 85.86 पर खुला और कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 85.67 के उच्च और 85.96 के निचले स्तर के बीच रहा। बाद में रुपये का आरंभिक लाभ जाता रहा और कारोबार के अंत में डॉलर के मुकाबले रुपया 85.79 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से आठ पैसे की तेजी है।
बुधवार को रुपया 26 पैसे टूटकर 85.87 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘जोखिम भावना में सुधार और विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश बढ़ने के कारण भारतीय रुपये में मजबूती आई। अन्य क्षेत्रीय मुद्राओं में देखी गई सामान्य मजबूती से भी रुपये को लाभ मिला।’’
परमार ने कहा, ‘‘प्रतिभागियों को मुद्रास्फीति में नरमी के साथ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से ब्याज दर में एक और कटौती की उम्मीद है। रुपये का भविष्य का रुख काफी हद तक रिजर्व बैंक के आगामी नीतिगत रुख और उसके द्वारा शुरू किए जाने वाले किसी भी नकदी उपायों पर निर्भर करेगा।’’
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि डॉलर में तेजी के रुख और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार तनाव और यूक्रेन और रूस के बीच भू-राजनीतिक तनाव भी रुपये पर दबाव डाल सकते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, कोई भी नया एफआईआई प्रवाह निचले स्तरों पर रुपये को सहारा दे सकता है। कारोबारी साप्ताहिक बेरोजगारी दावों और अमेरिका से व्यापार संतुलन के आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं। शुक्रवार को रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति घोषणा से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।’’
रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने बुधवार को मौद्रिक नीति पर अपना तीन दिवसीय बैठक शुरू की। मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा शुक्रवार को की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत (चौथाई प्रतिशत) कटौती की उम्मीद है। निवेशक अमेरिका से गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट पर भी नजर रख सकते हैं। डॉलर-रुपया हाजिर मूल्य 85.40-86.25 रुपये की सीमा में कारोबार करने का अनुमान है।’’
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत बढ़कर 98.85 पर रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.31 प्रतिशत बढ़कर 65.05 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
घरेलू शेयर बाजार में, 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 443.79 अंक बढ़कर 81,442.04 अंक, जबकि निफ्टी 130.70 अंक की बढ़त के साथ 24,750.90 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को शुद्ध आधार पर 209.47 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 05, 2025 09:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

