जरुरी जानकारी | रुपया 30 पैसे बढ़कर 85.80 प्रति डॉलर पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. शेयर बाजारों में तेज उछाल और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच डॉलर में कमजोरी के रुख के बीच मंगलवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये में लगातार दूसरे सत्र में तेजी रही और यह 30 पैसे बढ़कर 85.80 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
मुंबई, 15 अप्रैल शेयर बाजारों में तेज उछाल और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच डॉलर में कमजोरी के रुख के बीच मंगलवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये में लगातार दूसरे सत्र में तेजी रही और यह 30 पैसे बढ़कर 85.80 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अनुकूल घरेलू मुद्रास्फीति के आंकड़ों और विदेशी कोषों के ताजा प्रवाह से भी रुपये को समर्थन मिला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया निचले स्तर 85.85 प्रति डॉलर पर खुला और दिन के कारोबार में डॉलर के मुकाबले 85.59 प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर को छू गया। सत्र के अंत में रुपया 85.80 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 30 पैसे की बढ़त है।
शुक्रवार के सत्र में रुपया 58 पैसे की जोरदार बढ़त के साथ 86.10 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
सोमवार को ‘डॉ. बाबा साहब आंबेडकर जयंती’ के अवसर पर विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार बंद रहे थे।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि कमजोर डॉलर सूचकांक और घरेलू बाजारों में उछाल के कारण रुपये में तेजी आई।
चौधरी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में रातोंरात गिरावट और सकारात्मक वृहद आर्थिक आंकड़ों ने रुपये को समर्थन दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में समग्र कमजोरी भी निचले स्तर पर रुपये को समर्थन दे सकती है। हालांकि, आयातकों द्वारा डॉलर की खरीद और एफआईआई की निकासी से तेज बढ़त रुक सकती है। कारोबारी अमेरिका से एम्पायर स्टेट मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स के आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं।’’
उन्होंने अनुमान लगाया कि डॉलर-रुपया हाजिर कीमत 85.40 रुपये से 86 रुपये के बीच होगी।
मंगलवार को जारी ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, थोक मुद्रास्फीति मार्च में छह महीने के निचले स्तर 2.05 प्रतिशत पर आ गई, क्योंकि सब्जियों, आलू और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आई।
इस बीच, विश्व की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती मापने वाला, डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.38 पर कारोबार कर रहा था। यह मार्च, 2022 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.11 प्रतिशत गिरकर अपने चार साल के निचले स्तर 64.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे पहले कच्चा तेल अप्रैल, 2021 में इस स्तर पर आया था।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,577.63 अंक उछलकर 76,734.89 अंक पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 500 अंक बढ़कर 23,328.55 अंक पर पहुंच गया।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को शुद्ध रूप से 6,065.78 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2025 08:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

