जरुरी जानकारी | रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर से उबरा, 10 पैसे की तेजी के साथ 77.34 प्रति डॉलर पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और क्षेत्रीय मुद्राओं में सुधार के बीच रुपया दो दिन से जारी नुकसान से उबरते हुए मंगलवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 10 पैसे की तेजी के साथ 77.34 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
मुंबई, 10 मई कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और क्षेत्रीय मुद्राओं में सुधार के बीच रुपया दो दिन से जारी नुकसान से उबरते हुए मंगलवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 10 पैसे की तेजी के साथ 77.34 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, इससे पूर्व के सत्र में रुपये के अपने सर्वकालिक निम्न स्तर को छूने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने संभवत: बाजार में हस्तक्षेप किया।
हालांकि, घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की लगातार धन निकासी से रुपये की तेजी पर कुछ अंकुश लगा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ 77.27 के भाव पर खुला और कारोबार के दौरान 77.20 से 77.45 प्रति डॉलर के दायरे में रहने के बाद अंत में 10 पैसे की तेजी के साथ 77.34 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 54 पैसे लुढ़ककर 77.44 प्रति डॉलर के अपने सर्वकालिक रिकार्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
एचडीएफ़सी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘जोखिम वाली संपत्तियों में निवेश धारणा मजबूत होने और क्षेत्रीय मुद्राओं के मजबूत होने से आज रुपये की तेजी को समर्थन मिला। कुछ दिन की बिकवाली के बाद जोखिम लेने की धारणा में कुछ स्थिरता आने से स्थानीय मुद्रा को मदद मिल सकती है, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी लौटने और निवेशको की निकासी से रुपये पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।’’
इस बीच, बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक 105.82 अंक टूटकर 54,364.85 अंक पर बंद हुआ।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा का दाम 1.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.72 डॉलर प्रति बैरल रह गया।
वहीं, छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर की मजबूती को आंकने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत की मजबूती लेकर 103.68 पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने 3,960.59 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के विदेशीमुद्रा एवं सर्राफा विश्लेषक, गौरांग सोमैया ने कहा कि निवेशकों की निगाह अब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों पर होगी और इसके अधिक होने से रुपये की तेजी पर अंकुश लगा रहेगा।
उन्होंने कहा कि रुपये में स्थिरता लाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बाजार में हस्तक्षेप किये जाने की संभावना है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2022 08:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

