जरुरी जानकारी | रुपया 80 के पास, 18 पैसे टूटकर 79.99 प्रति डॉलर पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 80 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर के पास पहुंच गया है।
मुंबई, 14 जुलाई अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 80 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर के पास पहुंच गया है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बृहस्पतिवार को रुपया 18 पैसे से कुछ अधिक की गिरावट के साथ 79.9975 प्रति डॉलर के अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया। विदेशी बाजारों में डॉलर में मजबूती से रुपये की धारणा प्रभावित हुई।
जून में थोक मुद्रास्फीति लगातार 15वें महीने दो अंक में रही है। इसके अलावा देश का चालू खाते का घाटा (कैड) बढ़ने की आशंका और विदेशी कोषों की निकासी की वजह से अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 80 प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक निचले स्तर के पास आ गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ दिन के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में सुधार स्थानीय मुद्रा के लिए कुछ राहत की बात रही है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया मजबूत रुख के साथ खुलने के बाद 79.71 प्रति डॉलर तक गया। लेकिन बाद में डॉलर के मुकाबले 24 साल के उच्चस्तर पर पहुंचने के बीच रुपये ने शुरुआती लाभ गंवा दिया।
अंत में रुपया 18 पैसे की गिरावट के साथ 79.9975 प्रति डॉलर पर अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 79.81 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
खास बात यह है कि कई प्रमुख बैंक...मसलन भारतीय स्टेट बैंक पहले ही डॉलर बेचने के लिए 80 रुपये से ऊंचा भाव बोल रहे हैं।
हालांकि, थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति जून में घटकर 15.18 प्रतिशत पर अपने तीन माह के निचले स्तर पर आ गई है। लेकिन यह लगातार 15 माह से दो अंक में बनी हुई है। मई में थोक मुद्रास्फीति 15.88 प्रतिशत के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर थी। जून, 2021 में यह 12.07 प्रतिशत पर थी।
वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयात महंगा होने तथा वस्तुओं का निर्यात कमजोर रहने से चालू खाते के घाटे की स्थिति खराब हो सकी है।
वहीं, बढ़ते कैड के वित्तपोषण की जरूरत और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की निकासी के बीच देश का विदेशी मुद्रा भंडार जनवरी, 2022 से 34 अरब डॉलर घटा है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘क्षेत्रीय मुद्राओं में भारतीय रुपये का प्रदर्शन औसत रहा है। लगातार चौथे दिन रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ है। बाजार फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक वृद्धि की उम्मीद कर रहा है जिससे डॉलर को समर्थन मिला है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 14, 2022 09:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

