जरुरी जानकारी | रुपया 10 पैसे की बढ़त के साथ 85.26 प्रति डॉलर पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. घरेलू शेयर बाजारों में तेजी और सकारात्मक वृहद आर्थिक आंकड़ों के समर्थन से बुधवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 10 पैसे की बढ़त के साथ 85.26 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
मुंबई, 14 मई घरेलू शेयर बाजारों में तेजी और सकारात्मक वृहद आर्थिक आंकड़ों के समर्थन से बुधवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 10 पैसे की बढ़त के साथ 85.26 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी बाजार में अमेरिकी मुद्रा के कमजोर रुख तथा व्यापार शुल्क तनाव कम होने से जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों के प्रति बढ़ती रुचि ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया सकारात्मक रुख के साथ खुला। दिन में कारोबार के दौरान यह डॉलर के मुकाबले 85.05 के उच्च एवं 85.52 के निचले स्तर के बीच घूमता रहा। सत्र के अंत में रुपया 85.26 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 10 पैसे की बढ़त है।
रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.36 पर स्थिर रहा था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘ अमेरिकी डॉलर सूचकांक के कमजोर होने, सस्ती आयातित वस्तुओं तथा बाजारों में मौजूदा जोखिम-संबंधी रुख से बुधवार को भारतीय रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बढ़त देखी गई।’’
परमार ने कहा कि निकट भविष्य में अमेरिकी डॉलर-भारतीय रुपये की जोड़ी के 84.90 से 85.70 के बीच रहने के आसार है।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 100.35 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 182.34 अंक की बढ़त के साथ 81,330.56 अंक पर जबकि निफ्टी 88.55 अंक चढ़कर 24,666.90 अंक पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 1.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 65.90 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 476.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
गौरतलब है कि सब्जियों, फलों एवं दालों की कीमतों में नरमी आने से अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति की दर घटकर करीब छह साल के निचले स्तर 3.16 प्रतिशत पर आ गई। इससे भारतीय रिजर्व बैंक के लिए जून की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में एक और कटौती की पर्याप्त गुंजाइश बन गई है।
वहीं खाद्य वस्तुओं, विनिर्मित उत्पादों और ईंधन की कीमतों में कमी आने से थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल में घटकर 13 महीने के निचले स्तर 0.85 प्रतिशत पर आ गई।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2025 04:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

