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जरुरी जानकारी | रुपया 13 पैसे की बढ़त के साथ 87.19 प्रति डॉलर पर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कमजोर डॉलर सूचकांक तथा कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बीच अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को रुपये के आरंभिक नुकसान की भरपाई हो गयी और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे मजबूत होकर 87.19 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

जरुरी जानकारी | रुपया 13 पैसे की बढ़त के साथ 87.19 प्रति डॉलर पर

मुंबई, चार मार्च कमजोर डॉलर सूचकांक तथा कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बीच अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को रुपये के आरंभिक नुकसान की भरपाई हो गयी और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे मजबूत होकर 87.19 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी के रुख और विदेशी पूंजी की सतत निकासी के कारण रुपये की तेजी पर कुछ अंकुश लग गया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। रुपया 87.38 पर खुला और कारोबार के दौरान 87.40 प्रति डॉलर के निचले स्तर को छूने के बाद कारोबार के अंत में 87.19 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 13 पैसे की बढ़त है।

सोमवार को रुपया पांच पैसे की तेजी के साथ 87.32 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक, दिलीप परमार ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले कमजोर पड़ने और कच्चे तेल की कीमतों के तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंचने से रुपये में मजबूती आई है। साथ ही, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट ने हाल के दिनों में डॉलर के कमजोर होने में योगदान दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘विदेशी कोषों की निकासी और स्थिर आर्थिक गतिविधियां रुपये के लिए मिश्रित संकेत भेज रही है। रुपया, क्षेत्रीय मुद्राओं में उतार-चढ़ाव पर भी प्रतिक्रिया कर रहा है। निकट भविष्य में, डॉलर:रुपया के 86.80 से 87.70 के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है।’’

मिराए एसेट शेयरखान के अनुसंधान विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि घरेलू बाजारों में कमजोरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की सतत निकासी के कारण रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। व्यापार शुल्क मुद्दे पर अनिश्चितता रुपये पर और दबाव डाल सकती है।

उन्होने कहा, ‘‘हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में कमी और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के कारण रुपये को निचले स्तर पर समर्थन मिल सकता है।’’

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.40 प्रतिशत घटकर 106.31 पर कारोबार कर रहा था।

चौधरी ने कहा, ‘‘व्यापार शुल्क चिंताओं और अमेरिका से निराशाजनक आर्थिक आंकड़ों के कारण डॉलर में गिरावट आई। आईएसएम विनिर्माण पीएमआई आंकड़ा फरवरी में 50.3 पर आ गया, जबकि जनवरी में यह 50.6 पर था और इसके 50.9 पर पहुंचने का अनुमान था।’’

वायदा कारोबार में वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.49 प्रतिशत घटकर 70.55 डॉलर प्रति बैरल रह गया।

घरेलू शेयर बाजार में, 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 96.01 अंक घटकर 72,989.93 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 36.65 अंक गिरकर 22,082.65 अंक पर बंद हुआ।

एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को 3,405.82 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

वैश्विक मोर्चे पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि मेक्सिको और कनाडा से आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क मंगलवार से शुरू होगा।

ट्रंप ने कहा कि इस शुल्क का उद्देश्य मेक्सिको और कनाडा को फेंटेनाइल तस्करी के खिलाफ अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाने और अवैध आव्रजन को रोकने के लिए मजबूर करना है। वह अमेरिका के व्यापार असंतुलन को खत्म करना चाहते हैं और अधिक कारखानों को अमेरिका में स्थानांतरित करने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 04, 2025 09:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).