एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | रुपया एक पैसे की तेजी के साथ 84.04 प्रति डॉलर पर बंद

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया मंगलवार को सीमित दायरे में कारोबार के बाद एक पैसे की मामूली तेजी के साथ 84.04 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रिजर्व बैंक के संभवत: हस्तक्षेप के कारण रुपये को निचले स्तर पर समर्थन मिला।

जरुरी जानकारी | रुपया एक पैसे की तेजी के साथ 84.04 प्रति डॉलर पर बंद

मुंबई, 15 अक्टूबर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया मंगलवार को सीमित दायरे में कारोबार के बाद एक पैसे की मामूली तेजी के साथ 84.04 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रिजर्व बैंक के संभवत: हस्तक्षेप के कारण रुपये को निचले स्तर पर समर्थन मिला।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी, घरेलू शेयर बाजार में कमजोर रुख और विदेशी बाजार में अमेरिकी मुद्रा की समग्र मजबूती के कारण रुपया नीचे आया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.06 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 84.03 से लेकर 84.07 प्रति डॉलर के दायरे में रहने के बाद अंत में एक पैसे की तेजी के साथ 84.04 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ।

सोमवार को रुपया पांच पैसे की तेजी के साथ 84.05 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

शेयरखान बाय बीएनपी परिबा के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘मजबूत डॉलर और कमजोर एशियाई मुद्राओं के कारण भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। घरेलू इक्विटी बाजार में कमजोर रुख और मुद्रास्फीति में उछाल ने भी रुपये पर दबाव डाला।’’

सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार सब्जियों की बढ़ती कीमतों के कारण सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति नौ महीने के उच्चतम स्तर 5.49 प्रतिशत पर पहुंच गयी।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त में 3.65 प्रतिशत और सितंबर 2023 में 5.02 प्रतिशत थी। इससे पहले, दिसंबर 2023 में मुद्रास्फीति दर 5.69 प्रतिशत पर के उच्च स्तर पर रही थी।

चौधरी ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में एफआईआई की पूंजी निकासी और जोखिम से बचने के कारण रुपये में नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। अमेरिकी डॉलर में समग्र मजबूती रुपये पर और दबाव डाल सकती है।’’

चौधरी ने कहा कि हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी निचले स्तरों पर रुपये को सहारा दे सकती हैं। रिजर्व बैंक के किसी भी हस्तक्षेप से भी रुपये को समर्थन मिला सकता है।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.18 प्रतिशत घटकर 103.11 रहा।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 5.10 प्रतिशत घटकर 73.51 डॉलर प्रति बैरल रह गया।

घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसक्स 152.93 अंक घटकर 81,820.12 अंक पर और एनएसई निफ्टी 70.60 अंक की गिरावट के साथ 25,057.35 अंक पर बंद हुआ।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने सोमवार को शुद्ध रूप से 3,731.59 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 15, 2024 05:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).