ताजा खबरें | किसानों के मुद्दे पर रास में हंगामा, बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में कांग्रेस के नेतृत्व में विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने मंगलवार को दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के मुद्दे पर सदन में तुरंत चर्चा कराने की मांग करते हुए हंगामा किया जिसकी वजह से उच्च सदन की बैठक तीन बार के स्थगन के बाद अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
नयी दिल्ली, दो फरवरी राज्यसभा में कांग्रेस के नेतृत्व में विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने मंगलवार को दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के मुद्दे पर सदन में तुरंत चर्चा कराने की मांग करते हुए हंगामा किया जिसकी वजह से उच्च सदन की बैठक तीन बार के स्थगन के बाद अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदस्यों से कहा कि वे एक दिन बाद, बुधवार को राष्ट्रपति अभिभाषण पर होने वाली चर्चा में अपनी बात रख सकते हैं।
इससे पहले शून्यकाल शुरू होने पर सभापति ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्हें नियम 267 के तहत नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय, द्रमुक के तिरूचि शिवा, वाम सदस्य ई करीम और विनय विश्वम सहित कई सदस्यों के नोटिस मिले हैं। इस नियम के तहत सदन का सामान्य कामकाज स्थगित कर जरूरी मुद्दे पर चर्चा की जाती है।
सभापति ने कहा कि किसानों के मुद्दे पर सदस्य अपनी बात कल राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा के दौरान रख सकते हैं। उन्होंने सदस्यों से संक्षिप्त में अपनी बात कहने को कहा।
सुखेंदु शेखर राय, करीम, विनय विश्वम, शिवा के अलावा राजद के मनोज झा, बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, सपा के रामगोपाल यादव आदि सदस्यों ने किसानों के आंदोलन का जिक्र किया और इस पर चर्चा कराने की मांग की।
सभापति ने शून्यकाल में व्यवस्था देते हुए कहा कि इस मुद्दे को कल राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उठाया जा सकता है। कुछ विपक्षी दलों के सदस्य नाराजगी जाहिर करते हुए सदन से वाकआउट कर गए।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सदस्यों ने स्वयं ही प्रश्नकाल की मांग की थी। उन्होंने कहा ‘‘अब प्रश्नकाल चल रहा है लेकिन वे इसमें हिस्सा नहीं ले रहे हैं। कल राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदस्यों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा। ’’
सदस्यों ने कहा कि सदन पर अन्नदाता की परेशानियों के मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जन सरोकार से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा होनी चाहिए।
नायडू ने कहा कि वह सदस्यों की चिंता समझते हैं और राष्ट्रपति अभिभाषण में भी इस मुद्दे का जिक्र किया गया है। दिए गए नोटिसों को अस्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि परिपाटी है कि अभिभाषण पर पहले लोकसभा में चर्चा शुरू होती है। इसलिए यहां इस पर कल चर्चा शुरू होगी जिसमें सदस्य अपनी बातों को विस्तार से रख सकते हैं।
इसके बाद विपक्ष के कई सदस्य वाकआउट कर गए। कुछ देर बाद ये सदस्य सदन में आए और किसानों के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा करने लगे।
सभापति ने सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने आसन की ओर आ रहे कुछ सदस्यों को वापस जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में कोविड-19 महामारी की वजह से प्रश्नकाल नहीं हो पाया था जिस पर सदस्यों ने ही नाराजगी जाहिर की थी।
अपनी बात का असर न होते देख उन्होंने नौ बज कर करीब 50 मिनट पर बैठक साढ़े दस बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
एक बार के स्थगन के बाद बैठक शुरू होने पर भी सदन में विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। उपसभापति हरिवंश ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने तथा सदन को सुचारू रूप से चलने देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सभापति ने पहले ही कहा था कि कल से राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा शुरू हो रही है और सदस्य उसमें अपनी बात रख सकते हैं।
लेकिन उनकी अपील का हंगामा कर रहे सदस्यों पर कोई असर नहीं पड़ा और उन्होंने बैठक 11:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दो बार के स्थगन के बाद उच्च सदन की बैठक पुन: शुरू होने पर भी सदन में हंगामा जारी रहा और विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्य आसन के समीप आ कर नारेबाजी करने लगे।
उपसभापति हरिवंश ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने तथा कोविड-19 संबधी दिशानिर्देशों (प्रोटोकॉल) का पालन करने की अपील की।
उन्होंने सदस्यों से एक बार फिर सदन सुचारू रूप से चलने देने की अपील की और आसन के समीप आए सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने को कहा। लेकिन सदस्यों का हंगामा जारी रहा और उपसभापति ने बैठक शुरू होने के कुछ क्षणों के अंदर ही कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित कर दी।
तीन बार के स्थगन के बाद उच्च सदन की बैठक फिर शुरू होने पर भी विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा और वे नारेबाजी करने लगे।
उपसभापति हरिवंश ने एक बार फिर सदन सुचारू रूप से चलने देने की अपील की और सदस्यों से आग्रह किया कि वे कल राष्ट्रपति अभिभाषण पर होने वाली चर्चा में शामिल होकर अपनी बात रखें।
लेकिन सदस्यों का हंगामा जारी रहा और उपसभापति ने कुछ क्षणों के अंदर ही कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
अविनाश मनीषा राजेश माधव
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 02, 2021 12:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

