देश की खबरें | संवैधानिक मूल्यों के प्रति नाममात्र सम्मान के साथ देश पर राज कर रहा है आरएसएस : पिनराई विजयन
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तिरुवनंतपुरम, 30 जनवरी केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे संबद्ध संगठनों पर हमला बोलते हुए कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद प्रतिबंधित किया गया आरएसएस अब देश पर शासन कर रहा है लेकिन उसके व्यवहार में संवैधानिक मूल्यों के लिए नाममात्र सम्मान है।
गांधी को उनकी 75वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले विजयन ने कहा कि भारत का पूरा विचार ‘‘घायल’’ हो गया था जब ‘‘धार्मिक कट्टरपंथियों’’ ने राष्ट्रपिता की हत्या की थी । फेसबुक पर एक पोस्ट में विजयन ने कहा कि हिंदू राष्ट्रवादी हमेशा गांधी को दुश्मन मानते थे क्योंकि वह ‘‘बहुसंख्यक संप्रदायवाद से उत्पन्न खतरों से पूरी तरह वाकिफ थे।’’
विजयन ने लिखा, ‘‘हिंदू राष्ट्रवादी उन्हें हमेशा दुश्मन मानते थे। गांधी अपनी अंतिम सांस तक हिंदू-मुस्लिम सद्भाव के लिए खड़े रहे। उन्होंने जिस भारत की कल्पना की थी, वह हर पहलू में संघ परिवार की हिंदुत्ववादी -राष्ट्र-अवधारणा के विपरीत है। जब गांधीजी की नाथूराम विनायक गोडसे नामक धार्मिक कट्टरपंथी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, उसी समय भारत का विचार घायल हो गया था।’’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि संघ परिवार नफरत और विभाजनकारी राजनीति के जरिए देश में अपने राजनीतिक लक्ष्यों को हासिल कर रहा है। विजयन ने कहा, ‘‘गांधी की हत्या के लिए प्रतिबंधित किया गया आरएसएस अब देश के संवैधानिक मूल्यों का नाममात्र सम्मान करते हुए देश पर शासन कर रहा है...आज, कुछ हिस्सों में बच्चों को सिखाया जा रहा है कि गांधी की हत्या नहीं बल्कि उनकी मृत्यु हुई थी। यह एक और सबूत है कि संघ परिवार हमेशा गांधीजी से डरता रहा है।’’
विजयन ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष भारत की कल्पना करने के कारण नस्लवादियों ने गांधी को खत्म कर दिया, और राष्ट्रपिता को याद करना सांप्रदायिक विभाजन की राजनीति से मुकाबला करने का तरीका है। वामपंथी नेता ने कहा, ‘‘इस दिन हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम देश के संविधान और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए लड़ने को तैयार हैं।’’
हाल में, विजयन ने संघ परिवार पर मुसलमानों और ईसाइयों को ‘‘राष्ट्र के दुश्मन’’ मानने का आरोप लगाया था और सभी से इस तरह के विभाजनकारी प्रयासों के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया था।
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