देश की खबरें | आरएसएस एक सामाजिक संगठन, जो समाज के सभी वर्गों के लिए काम करता है: सुनील आंबेकर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उस पर राजनीतिक हमला नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह एक सामाजिक संगठन है जो समाज के हर वर्ग और देश की प्रगति के लिए काम कर रहा है।
नयी दिल्ली, तीन जुलाई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उस पर राजनीतिक हमला नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह एक सामाजिक संगठन है जो समाज के हर वर्ग और देश की प्रगति के लिए काम कर रहा है।
शुक्रवार से यहां शुरू हो रही प्रांत प्रचारकों की तीन दिवसीय बैठक के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूछे गये प्रश्नों का उत्तर देते हुए आरएसएस के राष्ट्रीय प्रचार एवं मीडिया विभाग के प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि संघ जमीनी स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से समाज से ‘‘स्वाभाविक तरीके’’ से जुड़ता है।
उन्होंने कहा, ‘‘संघ की प्रक्रिया में, संपूर्ण समाज हमारी दृष्टि में है। और यही कारण है कि आज संघ का कार्य देश भर में फैल रहा है, देश के कोने-कोने तक पहुंच रहा है।’’
आंबेकर से जब उन आलोचकों के बारे में पूछा गया जो अक्सर आरोप लगाते हैं कि संघ में पिछड़े समुदायों के सदस्यों के लिए कोई जगह नहीं है, तो उन्होंने यह जवाब दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मेरा मानना है कि जब इन सवालों पर राजनीतिक चर्चा हो रही है, तो संघ को इससे दूर रखा जाना चाहिए। यह अपने तरीके से समाज के हर वर्ग को जोड़ रहा है। हर तरह से लोग इससे जुड़ रहे हैं। संघ को संघ के नजरिए से देखने पर ही समझा जा सकता है।’’
आरएसएस के पदाधिकारी ने बताया कि अनुसूचित जाति(एससी), अनुसूचित जनजाति(एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सहित समाज के सभी वर्गों के लोग स्वयंसेवक और पदाधिकारी के रूप में संघ से जुड़े हैं और सौंपी गई जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं।
आंबेकर ने कहा, ‘‘आरएसएस में जाति या समुदाय के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग ‘‘सकारात्मक चीजों’’ के कारण आरएसएस से जुड़ रहे हैं, जैसे समाज में बदलाव, देश को प्रगति के पथ पर ले जाना।
उन्होंने कहा, ‘‘देश के स्वाभिमान से जुड़े इन विषयों से बहुत से लोग जुड़ रहे हैं और इसका समर्थन भी कर रहे हैं। हमारे काम को मिल रहे समर्थन से निश्चित रूप से यह बात स्पष्ट हो गई है कि लोग इस मुद्दे या संघ को किस तरह देखते हैं।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2025 08:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

