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देश की खबरें | कालिया योजना के तहत 12.72 लाख अयोग्य लाभार्थियों को 782.26 करोड़ रुपये वितरित किए गए: कैग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा की पिछली बीजू जनता दल (बीजद) सरकार ने ‘‘आजीविका एवं आय संवर्धन के लिए कृषक सहायता’’ (कालिया) योजना के तहत 12.72 लाख ‘‘अयोग्य’’ लाभार्थियों को वित्तीय सहायता वितरित करने के लिए 782.26 करोड़ रुपये जारी किए थे। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

देश की खबरें | कालिया योजना के तहत 12.72 लाख अयोग्य लाभार्थियों को 782.26 करोड़ रुपये वितरित किए गए: कैग

भुवनेश्वर, 12 सितंबर ओडिशा की पिछली बीजू जनता दल (बीजद) सरकार ने ‘‘आजीविका एवं आय संवर्धन के लिए कृषक सहायता’’ (कालिया) योजना के तहत 12.72 लाख ‘‘अयोग्य’’ लाभार्थियों को वित्तीय सहायता वितरित करने के लिए 782.26 करोड़ रुपये जारी किए थे। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

कैग ने वर्ष 2024 की अपनी रिपोर्ट संख्या-दो में कहा है कि किसानों, भूमिहीन और कमजोर कृषक परिवारों को वित्तीय सहायता, कृषकों तथा भूमिहीन कृषि मजदूरों को जीवन बीमा सहायता एवं ब्याज-मुक्त फसल ऋण प्रदान करने के लिए दिसंबर 2018 में यह योजना शुरू की गई थी।

फरवरी 2019 में ‘कालिया छात्रवृत्ति’ को भी जोड़ा गया था, जिसके तहत योजना के लाभार्थियों के वैसे बच्चों को योग्यता के आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान की जानी थी, जो राज्य में ही व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हों।

इसकी शुरुआत के समय सरकार ने पांच फसली मौसमों तक प्रत्येक परिवार को प्रति फसल पांच हजार रुपये तथा तीन वर्षों में भूमिहीन कृषि मजदूरों को 12,500 रुपये देने का वादा किया था।

इसमें कहा गया है, ‘‘योजना में तैयारी की कमी के कारण सरकार ने इसके कार्यान्वयन की व्यवहार्यता सुनिश्चित नहीं की, जिसके छह घटकों में से केवल दो घटकों- ‘खेती के लिए किसानों को सहायता’ और ‘भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए आजीविका सहायता’ को 2018-21 के दौरान लागू किया गया।’’

रिपोर्ट में कहा गया है कि योजना के दो घटक, कमजोर कृषि परिवारों को वित्तीय सहायता और ब्याज-मुक्त फसल ऋण को हटा दिया गया, जबकि शेष दो अन्य घटक (किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों को जीवन बीमा सहायता और कालिया छात्रवृत्ति) शुरू होने के दो वर्ष से अधिक समय बाद भी ये योजनाएं नियोजन चरण में ही हैं।

कृषि और किसान सशक्तीकरण विभाग ने 2019-21 के दौरान 65.64 लाख लाभार्थियों को ‘कालिया’ सहायता प्रदान की और 41.64 लाख लाभार्थियों को तीन बार, 8.09 लाख लाभार्थियों को दो बार तथा 15.91 लाख लाभार्थियों को केवल एक बार किस्त जारी की।

कैग ने पाया कि लगभग 9.76 लाख लोगों को ‘‘कार्यान्वयन के प्रथम चरण के दौरान अयोग्य पाया गया, जबकि अन्य 2.96 लाख लोग बाद के चरण में अयोग्य पाए गए, जिससे कुल चिह्नित अयोग्य लाभार्थियों की संख्या 12.72 लाख हो गई।’’

कैग रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘इन 12.72 लाख अयोग्य लाभार्थियों को विभाग ने 782.26 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए थे, जिनकी वसूली की संभावना बहुत कम है।’’

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ‘‘करीब 1.28 लाख खाताधारकों को 107.64 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें दर्ज नाम लाभार्थियों के नाम से भिन्न थे, यह अनधिकृत व्यक्तियों को भुगतान का संकेत देता है।’’

कैग रिपोर्ट में ओडिशा सरकार को ‘कालिया’ योजना के अंतर्गत गलत तरीके से सहयता राशि प्राप्त करने वाले अयोग्य लाभार्थियों से राशि की शीघ्र वसूली के लिए आवश्यक कदम उठाने की सिफारिश की गई है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 12, 2024 03:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).