जरुरी जानकारी | पश्चिमी मप्र में गर्मियों के दौरान छतों पर पैदा हुई 20 करोड़ रुपये की सौर बिजली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में सस्ती हरित ऊर्जा के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान बढ़ने के बीच छतों पर लगे सौर पैनल से बिजली पैदा करने वाले भवनों की तादाद बढ़कर 5,650 हो गई है। इन गर्मियों में मार्च से जून के बीच इस तरह करीब 20 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य की बिजली पैदा की गई।

इंदौर, 15 जुलाई मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में सस्ती हरित ऊर्जा के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान बढ़ने के बीच छतों पर लगे सौर पैनल से बिजली पैदा करने वाले भवनों की तादाद बढ़कर 5,650 हो गई है। इन गर्मियों में मार्च से जून के बीच इस तरह करीब 20 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य की बिजली पैदा की गई।

मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पश्चिमी मध्य प्रदेश में छतों पर सौर पैनल लगाकर बिजली बनाने के मामले में इंदौर जिला अव्वल है जहां 3,600 भवनों की छतों पर इस तरह सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है।

इस अधिकारी ने बताया कि भवनों की छतों पर सौर पैनल लगाकर बिजली तैयार करने वाले अन्य प्रमुख जिलों में उज्जैन, धार, रतलाम, खरगोन, नीमच और देवास शामिल हैं। इन भवनों में आम नागरिकों के घरों के अलावा अस्पताल और सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं।

अधिकारी के मुताबिक छतों पर सौर ऊर्जा तैयार कर इसे ग्रिड में भेजने की नेट मीटरिंग प्रणाली के कारण संबंधित उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल की रकम 30 प्रतिशत से लेकर 60 प्रतिशत तक घट गई है।

उन्होंने बताया कि बिजली उत्पादन के लिए छतों पर सौर पैनल लगाने के वास्ते प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को अनुदान देती है और सौर उपकरण स्थापित करने के लिए उन्हें बैंकों से ऋण भी मिलता है।

हर्ष

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