जरुरी जानकारी | रोशनी नाडर बनीं एचसीएल टेक की चेयरपर्सन, किसी आईटी कंपनी की पहली महिला प्रमुख

नयी दिल्ली, 17 जुलाई देश की सबसे अमीर महिला रोशनी नाडर मल्होत्रा शुक्रवार को किसी सूचीबद्ध भारतीय आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) कंपनी की प्रमुख बनने वाली पहली महिला बन गयीं।

उन्होंने अपने पिता और अरबपति उद्यमी शिव नाडर से 8.9 अरब डॉलर की कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज की चेयरपर्सन का पदभार संभाला। रोशनी एक प्रशिक्षित शास्त्रीय संगीतकार भी हैं। वह 2013 में एचसीएल टेक्नोलॉजीज के निदेशक मंडल में शामिल हुईं और वाइस चेयरपर्सन थीं। वह समूह की सभी संस्थाओं की होल्डिंग कंपनी एचसीएल कॉर्पोरेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर बनी रहेंगी।

यह भी पढ़े | Monsoon 2020 Forecast: सौराष्ट्र और कच्छ में आज होगी भारी बारिश, IMD ने गुजरात, कोंकण और गोवा के लिए जारी किया अलर्ट.

एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने संस्थापक एवं अध्यक्ष शिव नाडर के पद से हटने की शुक्रवार को घोषणा की। कंपनी ने बताया कि उसके निदेशक मंडल ने उनकी बेटी रोशनी को तत्काल प्रभाव से नये अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है।

हालांकि, शिव नाडर मुख्य रणनीति अधिकारी के पद के साथ कंपनी के प्रबंध निदेशक बने रहेंगे। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के सीईओ सी विजयकुमार ने कहा कि यह कंपनी के उत्तराधिकार योजना का हिस्सा था।

यह भी पढ़े | राहुल गांधी बोले- 10 अगस्त तक देश में होंगे कोरोना के 20 लाख से ज्यादा केस, महामारी रोकने के ठोस कदम उठाए सरकार.

रोशनी ने दिल्ली के वसंत वैली स्कूल में पढ़ाई की और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी, इवानस्टन, इलिनोइस से संचार में स्नातक किया। उन्होंने केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए भी किया।

उन्होंने 2009 में एचसीएल कॉर्प में शामिल होने से पहले स्काई न्यूज यूके और सीएनएन अमेरिका के साथ समाचार निर्माता के रूप में काम किया।

रोशनी ने एचसीएल हेल्थकेयर के वाइस चेयरमैन शिखर मल्होत्रा से 2010 में शादी की और उनके दो बेटे- अरमान और जहान हैं। नवीनतम हुरुन रिच लिस्ट के अनुसार, रोशनी भारत की सबसे अमीर महिला हैं, जिनकी कुल संपत्ति 36,800 करोड़ रुपये है।

वर्ष 2019 में, वह फोर्ब्स वर्ल्ड की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में 54 वें स्थान पर रहीं। उन्हें व्यवसाय तथा समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये भी कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। वह फोर्ब्स की ‘दुनिया की सौ सबसे शक्तिशाली महिलाओं’ की सूची में 2017, 2018 और 2019 में लगातार उनका नाम आया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)