देश की खबरें | उपराज्यपाल की भूमिका, शक्तियों को परिभाषित करने वाला विधेयक लोकतांत्रिक रूप से खतरनाक: सिसोदिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को कहा कि उपराज्यपाल की कुछ भूमिका और शक्तियों को परिभाषित करने वाला केंद्र सरकार का विधेयक लोकतांत्रिक और संवैधानिक रुप से ‘खतरनाक’ है। उन्होंने साथ में भाजपा पर ‘पिछले दरवाजे’ से राष्ट्रीय राजधानी पर शासन करने की कोशिश का आरोप लगाया।
नयी दिल्ली, 15 मार्च दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को कहा कि उपराज्यपाल की कुछ भूमिका और शक्तियों को परिभाषित करने वाला केंद्र सरकार का विधेयक लोकतांत्रिक और संवैधानिक रुप से ‘खतरनाक’ है। उन्होंने साथ में भाजपा पर ‘पिछले दरवाजे’ से राष्ट्रीय राजधानी पर शासन करने की कोशिश का आरोप लगाया।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) विधेयक 2021 को सोमवार को संसद के निचले सदन में पेश किया, जिसके बाद सिसोदिया का यह बयान आया है।
सिसोदिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ यह लोकतांत्रिक और संवैधानिक रूप से बहुत खतरनाक संशोधन है। यह दिल्ली के चुनावों और चुनी हुई सरकार को निरर्थक बना देगा।”
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार मामले को देखेगी और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरे के बाद विकल्प तलाशेगी।
सिसोदिया ने कहा, “भाजपा और उसकी केंद्र सरकार का यह संशोधन उच्चतम न्यायालय के फैसले और संविधान को उलट देगा। दिल्ली चुनाव में बुरी तरह हराने और (हाल में एमसीडी उपचुनाव में) एक भी सीट नहीं मिलने के बाद, भाजपा अब पिछले दरवाजे से दिल्ली पर शासन करने की कोशिश कर रही है।”
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने फैसला दिया था कि दिल्ली में निर्वाचित सरकार के पास लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि को छोड़कर अन्य मामलों पर कार्यपालिका शक्तियां हैं। संशोधन के तहत सभी फाइलें उपराज्यपाल को भेजनी होंगी।
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