ताजा खबरें | सड़क अनुदान चर्चा तीन लोस
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उन्होंने कहा कि मंत्रालय को यह भी बताना चाहिए कि सड़कों की गुणवत्ता की जांच के लिए उसके पास क्या व्यवस्था है।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय को यह भी बताना चाहिए कि सड़कों की गुणवत्ता की जांच के लिए उसके पास क्या व्यवस्था है।
बहुजन समाज पार्टी के दानिश अली ने कहा कि इस मंत्रालय का बजट जरूर बढ़ा है, लेकिन सड़क निर्माण की रफ्तार इस हिसाब से नहीं बढ़ी है।
वहीं, भाजपा के रामकृपाल यादव ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद सड़कों के निर्माण में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि ‘पीएम गतिशक्ति’ से देश की आधारभूत अवसंरचना का पूरा स्वरूप बदलने वाला है।
उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण और ‘पीएम गतिशक्ति’ से भारत को आत्मनिर्भर बनाने और पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी।
यादव ने देश में सभी 12 ज्योतिर्लिंगों को फोरलेन मार्ग से जोड़ने और ‘महादेव सर्किट’ बनाने की मांग की।
चर्चा में हिस्सा लेते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने कहा कि देश में आजादी के 70 साल बाद भी कई गांव आज भी सड़कों से नहीं जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि जब तक प्रत्येक गांव और ढाणी सड़कों से नहीं जुड़ेंगे तब तक देश विकसित नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री गडकरी की करीब दो साल पहले की गयी कुछ घोषणाओं को आज तक पूरा नहीं किया गया है, ‘‘इससे लगता है कि कहीं सरकार में उनकी कम तो नहीं सुनी जा रही।’’
बेनीवाल ने कहा कि भारत संभवत: दुनिया में पहला ऐसा देश होगा जहां लोगों को सड़कों पर चलने के लिए तीन स्तर के कर का भुगतान करना होता है। उन्होंने देश को टोलमुक्त बनाने की मांग की।
निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने अपने संसदीय क्षेत्र अमरावती के आदिवासी बहुल इलाकों में सड़कों की दुर्दशा का उल्लेख करते हुए अच्छी सड़कों के निर्माण की मांग की।
तेलुगूदेशम पार्टी के श्रीनिवास केसीनेनी ने देश में सड़क सुरक्षा के विषय को उठाते हुए कहा कि बजट में सड़क परिवहन मंत्रालय को आवंटित धन में से सुरक्षा के मद में केवल दो प्रतिशत आवंटन किया गया है जो काफी कम है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में चिह्नित 433 ‘ब्लैक स्पॉट’ या दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में से केवल 76 को सही किया गया है और बाकी को भी सही किया जाना चाहिए।
आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन ने कहा कि वह विपक्ष का सदस्य होने के नाते अक्सर सरकार की अनेक नीतियों का विरोध करते हैं, लेकिन सड़क और राजमार्ग मंत्रालय की अनुदान मांगों का समर्थन करते हैं क्योंकि नितिन गडकरी के नेतृत्व में मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सड़क अवसंरचना के विकास में अच्छा काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सदन में पहली बार किसी अनुदान की मांग का समर्थन कर रहा हूं।’’
हालांकि उन्होंने चर्चा के दौरान उस समय सदन में कैबिनेट मंत्री गडकरी की अनुपस्थिति पर आपत्ति जताई और कहा कि मंत्रालय ने इतनी बड़ी राशि की अनुमति सदन से मांगी है और इस दौरान कैबिनेट मंत्री को सदन में होना चाहिए।
पीठासीन सभापति के सुरेश ने कहा कि मंत्री के उपस्थित होने के लिए जोर नहीं दिया जा सकता और राज्य मंत्री वी के सिंह सदन में उपस्थित हैं।
इस पर प्रेमचंद्रन ने कहा कि राज्य मंत्री सिंह सक्षम हैं और जवाब भी दे सकते हैं, लेकिन सदन में परंपरा रही है कि इतनी बड़ी अनुदान मांग पर चर्चा के समय कैबिनेट मंत्री का रहना जरूरी है।
इस पर सुरेश ने कहा कि चर्चा का जवाब गडकरी ही देंगे।
एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील ने भी गडकरी के नेतृत्व में देश में सड़कों के क्षेत्र में हुए काम की तारीफ करते हुए कहा कि राजनीति और आलोचना अपनी जगह है लेकिन भाजपा का कोई कट्टर विरोधी भी होगा तो देश में सड़कों और राजमार्गों के विकास को देखकर गडकरी की तारीफ करेगा।
हालांकि उन्होंने मंत्रालय के कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पर कार्रवाई की मांग की। जलील ने कहा कि नवंबर 2019 में गडकरी ने एक ट्वीट करके उनके क्षेत्र की एक सड़क की बुरी हालत का जिक्र किया था और उसे आठ दिन में दुरुस्त करने के साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया था।
एआईएमआईएम सदस्य ने कहा कि लेकिन इस मामले से लगता है कि ‘‘गडकरी साहब तो चुस्त हैं लेकिन उनके कुछ अधिकारी सुस्त हैं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)