रालोसपा ने छोटी परियोजनाओं को बढ़ावा देकर प्रवासियों को रोजगार मुहैया कराने पर जोर दिया

रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र की उस नयी नीति का लाभ उठाना चाहिए, जिसमें इस सप्ताह की शुरुआत में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 200 करोड़ रुपये की खरीद के लिए कोई वैश्विक संविदा आमंत्रित नहीं करने की घोषणा की है।

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पटना, 15 मई राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने बिहार वापस लौटे प्रवासियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के मद्देनजर नीतीश कुमार सरकार से लाल फीताशाही दूर कर छोटी परियोजनाओं को बढ़ावा देने की अपील की है।

रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र की उस नयी नीति का लाभ उठाना चाहिए, जिसमें इस सप्ताह की शुरुआत में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 200 करोड़ रुपये की खरीद के लिए कोई वैश्विक संविदा आमंत्रित नहीं करने की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को 100 करोड़ रुपये से कम लागत वाली छोटी परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। केवल प्रतिष्ठित कंपनियों को ही जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए नामांकन के जरिए निविदाएं दी जानी चाहिए।

आनंद ने कहा कि एक परियोजना की निविदा जारी होने से लेकर कई चरण होने के कारण इसकी शुरुआत करने में लंबा समय लग जाता है, ऐसे में इस ओर ध्यान दिए जाने की भी जरूरत है।

उन्होंने कहा कि एक अनमुान के मुताबिक, लॉकडाउन के कारण अपनी आजीविका गंवाने वाले 10 लाख से अधिक बिहार के प्रवासी विभिन्न राज्यों से वापस आए हैं।

ऐसे में राज्य सरकार एक साथ कई महीनों तक लाखों लोगों का खर्च वहन नहीं कर सकती, इसलिए रोजगार के अवसर पैदा करके बिहार सरकार इस संकट के समय को लोगों के लिए यहीं रहने के अवसर में तब्दील कर सकती है।

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