फेयरटेक्स ‘मॉय थाई’ की पूर्व विश्व चैंपियन भी हैं। ‘मॉय थाई’ भी मार्शल आर्ट का एक रूप है जिसकी उत्पत्ति थाईलैंड में हुई थी। इसे ‘आठ अंगों की कला’ कहा जाता है।
विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज रितु ने कहा कि वह सिंगापुर इंडोर स्टेडियम में 48 किग्रा वर्ग के अपने आगामी मुकाबले की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।
यहां जारी विज्ञप्ति में रितु ने कहा, ‘‘ भारत से अब तक कोई महिला एमएमए चैंपियन नहीं बनी है और अब मेरे पास इस स्थिति को बदलने और वैश्विक मंच पर भारतीय महिला को पहचान दिलाने का मौका है। मैं भारत को गौरवान्वित करने की पूरी कोशिश करूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं बहुत लंबे समय से फाइनल के लिए तैयारी कर रही हूं और मैंने पिछले दो वर्षों से अनगिनत घंटों तक प्रशिक्षण लिया है।’’
उनके प्रतिद्वंद्वी, फेयरटेक्स को इस भार वर्ग में सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।
भारत की 27 साल की खिलाड़ी ने कहा कि कुश्ती के अनुभव के कारण वह थाईलैंड की प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ फायदे में रहेंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘फेयरटेक्स निश्चित रूप से एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी है लेकिन उसके पास उस तरह का कुश्ती का अनुभव और पृष्ठभूमि नहीं है जो मैंने पिछले सात वर्षों में हासिल किया है। मुझे यकीन है कि मेरी बेहतर कुश्ती की पृष्ठभूमि से मुझे फायदा होगा।’’
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