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जरुरी जानकारी | बढ़ती वैश्विक मांग से लगभग सभी तेल तिलहन कीमतों में तेजी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वैश्विक तेजी के साथ स्थानीय शादी विवाह एवं त्यौहारों की मांग बढ़ने से दिल्ली तेल तिलहन बाजार में शुक्रवार को लगभग सभी खाद्य तेलों के भाव तें सुधार आया। इसके अलावा खाद्य तेलों की पाइपलाईन खाली होने और निरंतर मांग बढ़ने के कारण कीमतों में सुधार आया।

जरुरी जानकारी | बढ़ती वैश्विक मांग से लगभग सभी तेल तिलहन कीमतों में तेजी

नयी दिल्ली, 12 मार्च वैश्विक तेजी के साथ स्थानीय शादी विवाह एवं त्यौहारों की मांग बढ़ने से दिल्ली तेल तिलहन बाजार में शुक्रवार को लगभग सभी खाद्य तेलों के भाव तें सुधार आया। इसके अलावा खाद्य तेलों की पाइपलाईन खाली होने और निरंतर मांग बढ़ने के कारण कीमतों में सुधार आया।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 1.65 प्रतिशत और शिकागो एक्सचेंज में लगभग दो प्रतिशत का सुधार था जिससे स्थानीय मंडियों में खाद्यतेलों कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।

उन्होंने कहा कि बाजार में पाम, पामोलीन और सोयाबीन डीगम की भारी मांग है। सोयाबीन की बड़ियां बनाने वाली कंपनियां ने शुक्रवार को दिल्ली में इसकी खरीद 6,500 रुपये क्विन्टल के रिकॉर्ड भाव पर किया। महाराष्ट्र में इसका प्लांट डिलीवरी भाव लगभग 5,700 रुपये क्विन्टल है। इसी तरह सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की निर्यात के साथ साथ भारी घरेलू मांग है। शादी विवाह और त्यौहारों के मद्देनजर स्थानीय मांग बढ़ने और अच्छे माल की कमी की वजह से सोयाबीन तेल तिलहनों के भाव काफी मजबूत रहे।

सूत्रों ने बताया कि पूरे विश्व में गर्मी के मौसम में पामोलीन तेल की भारी मांग है और पाइपलाईन में तेल नहीं है। देश में त्यौहारी मांग की वजह से पामोलीन और सीपीओ के भाव में सुधार आया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में पामोलीन तेल सबसे सस्ता है। इसका भाव सूरजमुखी से 700 डॉलर प्रति टन और सोयाबीन डीगम से 150 डॉलर कम है।

सरकार को देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाते हुए आयात पर निर्भरता की स्थिति में बदलाव करना होगा और इससे देश के करोड़ों रुपये की बचत होगी। सरकार को विभिन्न राज्यों में सूरजमुखी के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर देना चाहिये। तेल तिलहन उत्पादन के मामले में देश को आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाने के लिए सरकार को तिलहन किसानों को निरंतर अपना समर्थन जारी रखना होगा।

हाल की बरसात की वजह से मंडियों में सरसों की आवक प्रभावित हुई है और इसका कोई स्टॉक भी नहीं बचा है। ऐसी स्थिति में बढ़ती मांग के कारण सरसों तेल तिलहन कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। जबकि निर्यात के साथ साथ स्थानीय मांग की वजह से मूंगफली तेल तिलहन कीमतों में भी पर्याप्त सुधार आया।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 5,960 - 6,010 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 6,205- 6,270 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,120 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,435- 2,495 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,070 -2,160 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,200 - 2,315 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 14,000 - 17,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,850 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,550 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,550 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,450 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,500 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,300 रुपये।

पामोलिन कांडला 12,300 (बिना जीएसटी के)

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी 5,525 - 5,575 रुपये,

लूज में 5,375- 5,425 रुपये

मक्का खल (सरिस्का) 3,560 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 12, 2021 08:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).