उप-जेल में इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के जीवन के अधिकार का उल्लंघन: पाक उच्च न्यायालय
पाकिस्तान के एक उच्च न्यायालय ने कहा है कि राज्य ने पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के निजी आवास को उप-जेल के रूप में नामित करते हुए उन्हें वहां कैद कर अन्य कैदियों के साथ बातचीत से वंचित कर उनके जीवन के अधिकार का उल्लंघन किया है.
इस्लामाबाद, 10 मई : पाकिस्तान के एक उच्च न्यायालय ने कहा है कि राज्य ने पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के निजी आवास को उप-जेल के रूप में नामित करते हुए उन्हें वहां कैद कर अन्य कैदियों के साथ बातचीत से वंचित कर उनके जीवन के अधिकार का उल्लंघन किया है. शुक्रवार को मीडिया में आई एक खबर में यह बात कही गई है. बुधवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) ने पूर्व प्रथम महिला को रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अडियाला जेल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया. उनके 71 वर्षीय पति खान को भी यहीं जेल में रखा गया है. दो मामलों में दोषी ठहराये जाने के बाद बुशरा बीबी (49) को इस्लामाबाद के उपनगरीय इलाके में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक की हवेली बानी गाला में कैद किया गया था. वहीं खान को अडियाला जेल में रखा गया था.
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की खबर में कहा गया है कि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को 15 पन्नों का एक लिखित आदेश जारी किया. इस आदेश में न्यायालय ने कहा कि राज्य ने न केवल साधारण कारावास की सजा को कठोर और मुश्किल बना दिया है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 9 के तहत मिले बुशरा बीबी के जीवन के अधिकार का भी उल्लंघन किया है. इसमें कहा गया है कि, "तथ्य सिर्फ यह है कि उप-जेल के जिस कमरे में याचिकाकर्ता (बुशरा बीबी) को कैद किया गया था, वह एक जेल वार्ड की तरह संरक्षित था. इसका मतलब यह नहीं था कि याचिकाकर्ता अलगाव में नहीं थी." अदालत ने कहा कि बुशरा बीबी को दी गई 14 साल की कठोर कारावास की सजा पहले ही निलंबित कर दी गई थी. यह भी पढ़ें : पारस ने बिहार के हाजीपुर में चुनाव प्रचार में भाग नहीं लेने के लिए भतीजे चिराग को जिम्मेदार ठहराया
यह भी कहा कि एक अन्य मामले में उन्हें मिली सात साल की सजा साधारण कारावास थी. कहा गया कि, "उन्हें उप-जेल में अलग-थलग रखकर और अन्य कैदियों के साथ बातचीत से वंचित करके राज्य ने न केवल साधारण कारावास की सजा को कठोर और मुश्किल बना दिया है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 9 के तहत प्रदत्त याचिकाकर्ता के जीवन के अधिकार का भी उल्लंघन किया है.'' बुधवार को अपने आदेश में अदालत ने बानी गाला उप-जेल को "अमान्य और शून्य" घोषित किया. बुशरा बीबी को इस साल 31 जनवरी को तब गिरफ्तार किया गया था जब इस्लामाबाद की अदालत ने उन्हें और खान को तोशखाना भ्रष्टाचार मामले में 14 साल जेल की सजा सुनाई थी. जबकि तोशखाना भ्रष्टाचार मामले में उनकी सजा को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय द्वारा निलंबित कर दिया गया था. बुशरा बीबी 'गैर-इस्लामी' विवाह के मामले में हिरासत में हैं, जबकि खान भी अन्य मामलों में जेल में हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2024 05:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

