जरुरी जानकारी | बीते साल भारतीय डायरेक्ट सेलिंग उद्योग की खुदरा बिक्री 3.25 अरब डॉलर, दुनिया में 12वां स्थान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ग्राहकों को सीधे सामान की बिक्री करने वाले ‘डायरेक्ट सेलिंग’ उद्योग ने 2021 में 3.25 अरब डॉलर (करीब 27,650 करोड़ रुपये) की खुदरा बिक्री दर्ज करते हुए वैश्विक रैंकिंग में अपना 12वां स्थान बरकरार रखा है।
नयी दिल्ली, 29 जून ग्राहकों को सीधे सामान की बिक्री करने वाले ‘डायरेक्ट सेलिंग’ उद्योग ने 2021 में 3.25 अरब डॉलर (करीब 27,650 करोड़ रुपये) की खुदरा बिक्री दर्ज करते हुए वैश्विक रैंकिंग में अपना 12वां स्थान बरकरार रखा है।
वाशिंगटन स्थित वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन(डब्ल्यूएफडीएसए) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में भारतीय डायरेक्ट सेलिंग उद्योग में 7.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। 2018 से 2021 तक पिछले तीन वर्षों में सालाना आधार पर यह उद्योग 15.7 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत के डायरेक्ट सेलिंग उद्योग को छठा स्थान हासिल हुआ है। भारतीय डायरेक्ट सेलिंग उद्योग की अगुवाई एमवे, एवन, ओरिफ्लेम, मोदीकेयर, हर्बलाइफ आदि कंपनियां कर रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका का डायरेक्ट सेलिंग उद्योग 42.67 अरब डॉलर की खुदरा बिक्री के साथ शीर्ष पर रहा है। कुल बिक्री में उसका हिस्सा 23 प्रतिशत है।
अमेरिका के बाद दक्षिण कोरिया और जर्मनी का स्थान रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में वैश्विक स्तर पर डायरेक्ट सेलिंग उद्योग की खुदरा बिक्री का आंकड़ा 186.10 अरब डॉलर रहा है।
इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन (आईडीएसए) के चेयरमैन रजत बनर्जी ने रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘कोविड -19 महामारी से उत्पन्न अत्यधिक प्रतिकूल कारोबारी माहौल के बावजूद भारतीय डायरेक्ट सेलिंग उद्योग ने जुझारू क्षमता का प्रदर्शन किया है।
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