जरुरी जानकारी | महाराष्ट्र में ‘रिटेल लॉकडाउन’ से कारोबार, नकदी प्रवाह प्रभावित होगा: आरएआई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) ने महाराष्ट्र सरकार के कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर अंकुश के लिये किये गये उपायों को ‘रिटेल लॉकडाउन’ करार दिया है। आरएआई ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर खुदरा कारोबार को बंद करने से कारोबार प्रभावित होगा।

नयी दिल्ली, पांच अप्रैल रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) ने महाराष्ट्र सरकार के कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर अंकुश के लिये किये गये उपायों को ‘रिटेल लॉकडाउन’ करार दिया है। आरएआई ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर खुदरा कारोबार को बंद करने से कारोबार प्रभावित होगा।

आरएआई ने ‘जीवन और आजीविका के बीच संतुलन’ बैठाने पर जोर देते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार के ‘ब्रेकदचेन’ आदेश से एक बार फिर से ज्यादातर खुदरा कारोबार पूरी तरह ठहर गया है। गैर-आवश्यक वस्तुओं का खुदरा कारोबार करने वाले लोग सरकार की ओर से बिना किसी राहत के अंकुश लगाने तथा लॉकडाउन की वजह से दबाव महसूस कर रहे हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को घोषणा की है कि सोमवार से 30 अप्रैल तक सप्ताहांत में लॉकडाउन और कार्यदिवसों (वीकडेज) में रात्रि कफ्र्यू लागू रहेगा। इसके अलावा कई अन्य उपाय भी किए गए हैं। निजी कार्यालयों, सिनेमा हॉल और सैलून को बंद करने की घोषणा की गई है।

इस आदेश पर आरएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कुमार राजगोपालन ने कहा, ‘‘रिटेल लॉकडाउन की वजह से राज्य में खुदरा उद्योग को गंभीर नकदी संकट का सामना करना पड़ेगा। वहीं परिचालन की निश्चित लागत उतनी ही बनी हुई है।’’

खुदरा कारोबारियों को कारोबार बंद रहने के दौरान भी बिजली के बिल, संपत्ति कर आदि का भुगतान करना पड़ेगा। राजगोपालन ने कहा कि इस नए आदेश से राज्य और देश में समूचे खुदरा पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ेगा। इससे विनिर्माण और लाखों लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ेगा।

अजय

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