जरुरी जानकारी | औद्योगिक कर्मचारियों के लिये खुदरा मुद्र्रास्फीति अप्रैल में घटकर 5.45 प्रतिशत रही
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कुछ खाद्य पदार्थों और पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में नरमी से औद्योगिक कर्मचारियों की खुदरा मुद्रास्फीति इस साल अप्रैल में घटकर 5.45 प्रतिशत पर आ गयी। एक साल पहले इसी माह में यह 8.33 प्रतिशत थी।
नयी दिल्ली, 29 मई कुछ खाद्य पदार्थों और पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में नरमी से औद्योगिक कर्मचारियों की खुदरा मुद्रास्फीति इस साल अप्रैल में घटकर 5.45 प्रतिशत पर आ गयी। एक साल पहले इसी माह में यह 8.33 प्रतिशत थी।
श्रम मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘सालाना आधार पर सभी जिंसों की खुदरा महंगाई दर अप्रैल 2020 में 5.45 प्रतिशत रही जो इससे पूर्व माह में 5.50 प्रतिशत थी। वहीं एक साल पहले अप्रैल 2019 में यह 8.33 प्रतिशत थी।’’
खाद्य महंगाई दर अप्रैल 2020 में 6.56 प्रतिशत रही जो पिछले महीने यानी मार्च में 6.67 प्रतिशत थी। एक साल पहले अप्रैल 2019 में यह 4.92 प्रतिशत थी।
श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-औद्योगिक कर्मचारी (सीपीआई-आईडब्ल्यू) के लिये आंकड़ा संग्रह करने और उसे जारी करे को लेकर श्रम ब्यूरो की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘लॉकडाउन’ के दौरान इस कठिन समय में ‘रहन-सहन की लागत सूचकांक’ का आंकड़ा जारी करना एक सराहनीय काम है और इससे नीति निर्माण में मदद मिलेगी।
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सीपीआई-अईडब्ल्यू का उपयोग एक करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिये महंगाई भत्ता और महंगाई राहत के निर्धारण में किया जाता है।
अप्रैल में अखिल भारतीय सीपीआई-आईडब्ल्यू 3 अंक बढ़ा और 329 पर रहा।
जिंसों के स्तर पर देखा जाए तो चावल, गेहूं, गेहूं आटा, अरहर दाल, मूंग दाल, सरसों तेल, मछली, मांस (बकारा, कुक्कुट), सब्जी, फल (केला, आम), चीनी, रसोई गैस आदि के कारण खुदरा महंगाई दर बढ़ी है।
हालांकि लहसुन, प्याज, परवल, पट्रोल, फूल, आदि के दाम में नरमी से महंगाई दर में वृद्धि पर अंकुश लगा।
केंद्रीय स्तर पर दमदम, तिनसुकिया में अधिकतम 14 अंक की वृद्धि हुई। उसके बाद सलेम (12 अंक) और सूरत (10 अंक) का स्थान रहा।
दूसरी तरफ छिंदवाड़ा, वडोदरा, भिलाई, यमुनानगर और जमशेदपुर में एक-एक अंक की गिरावट आयी। शेष 12 केंद्रों पर यह स्थिर रहा।
आंकड़ों के अनुसार 33 केंद्र अखिल भारतीय सूचकांक से ऊपर जबकि 44 केंद्र राष्ट्रीय औसत से नीचे हैं। राउरकेला केंद्र अखिल भारतीय सूचकांक के बराबर है।
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