इंदौर (मध्यप्रदेश), एक सितंबर भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय बैंक को इस महीने से खुदरा महंगाई नरम होने की उम्मीद है।
उन्होंने टमाटर जैसी सब्जियों के दाम में कमी के साथ ही गैर-बासमती चावल के निर्यात पर पाबंदी और घरों में इस्तेमाल होने वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम में कटौती को लेकर केंद्र सरकार के कदमों का हवाला देते हुए यह बात कही।
दास, स्थानीय विद्यार्थियों से संवाद के लिए इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा,‘‘हम उम्मीद करते हैं कि सितंबर से (खुदरा) महंगाई घटने की शुरुआत हो जाएगी। हालांकि, अगस्त की (खुदरा) महंगाई दर बहुत ज्यादा रहेगी, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि सितंबर से महंगाई कम होनी शुरू हो जाएगी।"
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक सब्जियों समेत मुख्य रूप से खाने का सामान महंगा होने से इस साल जुलाई में खुदरा महंगाई दर उछलकर 7.44 प्रतिशत पर पहुंच गई जो पिछले 15 महीने के दौरान इसका सबसे ऊंचा स्तर था। जून में यह 4.81 प्रतिशत थी।
आरबीआई को खुदरा महंगाई दर दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है।
दास ने कहा कि टमाटर के दाम पहले ही गिर चुके हैं और इस महीने से अन्य सब्जियों के खुदरा मूल्य भी घटने की उम्मीद है।
दास ने कहा कि सरकार ने लोगों को टमाटर और आम जरूरत की अन्य चीजों की किफायती दाम पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा,‘‘गैर बासमती चावल के निर्यात पर बंदिशें लगाई गई हैं। घरों में इस्तेमाल होने वाले रसोई गैस सिलेंडर के दामों में हाल ही में कटौती की गई है।’’
रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा,‘‘जुलाई में (खुदरा) महंगाई की दर बहुत ऊंचे स्तर पर रही थी। इससे सबको आश्चर्य हुआ। लेकिन मुख्य तौर पर टमाटर और अन्य सब्जियों के दाम ज्यादा होने के कारण हम उम्मीद कर रहे थे कि जुलाई में यह ज्यादा ही रहेगी।’’
हर्ष
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