नयी दिल्ली, 27 अप्रैल राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा रोजाना 1000 वाहनों की सीमा के 2015 के अपने आदेश में संशोधन से इनकार करने के साथ ही हिमाचल प्रदेश में मनाली से रोहतांग दर्रा जाने वाले वाहनों की संख्या पर पाबंदी जारी रहेगी।
शीर्ष पर्यावरण नियामकीय संस्था ने कहा कि हिमनद, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण पर वाहन प्रदूषण के प्रतिकूल प्रभाव उनकी संख्या बढ़ने की अनुमति नहीं देते ।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए के गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘‘ वाहनों की प्रतिबंधित संख्या के कारण वायु गुणवत्ता के आंकड़े भले ही अच्छे हैं लेकिन इसे यह मानने का आधार नहीं समझा जा सकता कि वाहनों की संख्या बढ़ना व्यवहार्य होगा। अटल सुरंग के खुल जाने या पार्किग की जगह उपलब्ध हो जाने से उस स्थिति में बदलाव नहीं आ जाता है जिसकी वजह से इस अधिकरण ने पहले आदेश जारी किया था। ’’
पीठ ने कहा, ‘‘ महज कुछ विशेषज्ञों की राय को पिछले आदेशों पर पुनर्विचार के लिए निर्णायक नहीं समझा जा सकता क्योंकि पिछले आदेश विशेषज्ञों की रिपोर्ट एवं पेश सामग्री पर आधारित थे। ’’
एनजीटी का आदेश उस अर्जी पर आया है जिसमें पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश करने वाले वाहनों की संख्या संबंधी शर्त में इस आधार पर ढील देने का अनुरोध किया गया था कि अटल सुरंग बन गयी है तथा गुलाबा, माढी और रोहतांग दर्रे में पार्किंग की और जगह उपलब्ध है।
एनजीटी ने 2015 के आदेश में रोहतांग दर्रे से हर दिन गुजरने वाले वाहनों की संख्या 1000 तक सीमित कर दी थी।
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