देश की खबरें | हरियाणा में फेरबदलः जमीन से जुड़े ओबीसी नेता नायब सैनी ने ली भाजपा के कद्दावर नेता खट्टर की जगह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नायब सिंह सैनी को हरियाणा का अगला मुख्यमंत्री चुने जाने की घोषणा आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित थी, लेकिन भाजपा इस तरह के हैरानी भरे फैसलों के लिए जानी जाती है और 2014 में पार्टी ने इसी प्रकार मनोहर लाल खट्टर को इस पद के लिए चुना था।
चंडीगढ़, 12 मार्च नायब सिंह सैनी को हरियाणा का अगला मुख्यमंत्री चुने जाने की घोषणा आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित थी, लेकिन भाजपा इस तरह के हैरानी भरे फैसलों के लिए जानी जाती है और 2014 में पार्टी ने इसी प्रकार मनोहर लाल खट्टर को इस पद के लिए चुना था।
चर्चाओं से दूर रहने वाले और जमीन से जुड़े ओबीसी नेता सैनी (54) पार्टी में विभिन्न पदों पर काम के बाद मंगलवार को यहां आयोजित एक बैठक में सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए।
सैनी ने मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
सैनी को मनोहर लाल खट्टर (69) का करीबी माना जाता है। उन्होंने खट्टर की जगह ली, जिनका मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल इस साल अक्टूबर में पूरा होना था।
सत्तारूढ़ भाजपा ने यह आश्चर्यजनक कदम लोकसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले उठाया है जबकि हरियाणा में अक्टूबर में विधानसभा चुनाव भी होने हैं।
भाजपा ने ओम प्रकाश धनखड़ के स्थान पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सैनी को हरियाणा इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
इससे पहले, मंगलवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके सभी कैबिनेट मंत्रियों ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख के रूप में सैनी की नियुक्ति को ओबीसी और गैर-जाट समुदायों पर पकड़ मजबूत करने के मकसद से पार्टी के एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा गया था।
राज्य में सबसे अधिक आबादी वाले समुदाय जाट का समर्थन बड़े पैमाने पर कांग्रेस, जननायक जनता पार्टी (जजपा) और इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) के बीच बंटा हुआ माना जाता है।
इसके अलावा, सैनी को मुख्यमंत्री चुने जाने को खट्टर सरकार के खिलाफ जारी सत्ता विरोधी लहर से निपटने के लिहाज से उठाए गए कदम के रूप में भी देखा जा रहा है।
हरियाणा में सैनी समुदाय की आबादी करीब आठ फीसदी है। यह समुदाय हरियाणा के कई उत्तरी जिलों के अलावा अंबाला, कुरूक्षेत्र और हिसार समेत कुछ अन्य जिलों में भी प्रभाव रखता है।
वर्ष 2014 में, जब भाजपा ने पहली बार हरियाणा में अपने दम पर सरकार बनाई थी, तब पार्टी ने करनाल से पहली बार विधायक बने खट्टर को मुख्यमंत्री चुना था। उस समय राम बिलास शर्मा, अनिल विज, कैप्टन अभिमन्यु और ओपी धनखड़ जैसे वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज कर खट्टर को चुना गया था। कुछ इसी तर्ज पर मंगलवार को खट्टर को हटाकर सैनी को मुख्यमंत्री चुना गया।
निवर्तमान खट्टर मंत्रिमंडल में छह बार के विधायक अनिल विज सबसे वरिष्ठ मंत्री हैं।
सैनी का जन्म 25 जनवरी 1970 को अंबाला जिले के मिर्जापुर माजरा नामक गांव में हुआ था। कानूनी की पढ़ाई करने वाले सैनी के खट्टर के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं और ये आरएसएस के दिनों से चले आ रहे हैं।
सैनी 2014 और 2019 के बीच खट्टर कैबिनेट में मंत्री भी थे। उन्होंने विधायक रहते हुए 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था।
यहां हरियाणा निवास में हुई भाजपा विधायकों की बैठक के बाद नए मुख्यमंत्री के रूप में सैनी के नाम की घोषणा की गई।
पिछले तीन दशकों के दौरान, सैनी ने भाजपा की राज्य इकाई में कई पदों पर काम किया और प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष और महासचिव रहे। वह 2002 में अंबाला के लिए प्रदेश भाजपा की युवा शाखा के जिला महासचिव थे और तीन साल बाद जिला अध्यक्ष बने।
वह 2014 में नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने थे।
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