जरुरी जानकारी | रिजर्व बैंक के कार्यसमूह का गैरकानूनी डिजिटल ऋण को रोकने के लिए अलग कानून का सुझाव

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ग्राहकों के हितों के संरक्षण के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के एक कार्यसमूह ने ऐप के जरिये गैरकानूनी डिजिटल ऋण को रोकने को एक अलग कानून बनाने का सुझाव दिया है।

मुंबई, 18 नवंबर ग्राहकों के हितों के संरक्षण के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के एक कार्यसमूह ने ऐप के जरिये गैरकानूनी डिजिटल ऋण को रोकने को एक अलग कानून बनाने का सुझाव दिया है।

कार्यसमूह ने इसके अलावा कर्ज प्रदान करने वाले ऐप के किसी नोडल एजेंसी द्वारा सत्यापन और डिजिटल ऋण पारिस्थितिकी तंत्र में ग्राहकों के लिए एक स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) की स्थापना का भी सुझाव दिया है।

आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘रिपोर्ट में ग्राहक सुरक्षा को बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए डिजिटल ऋण पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।’’

रिजर्व बैंक ने जनवरी, 2021 में डिजिटल माध्यम समेत ऑनलाइन मंचों और मोबाइल ऐप के जरिये ऋण दिए जाने को लेकर कार्यकारी निदेशक जयंत कुमार दास की अध्यक्षता में कार्यसमूह का गठन किया था।

डिजिटल ऋण गतिविधियों में तेजी से उत्पन्न होने वाले व्यावसायिक आचरण और ग्राहक सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इस कार्यसमूह की स्थापना की गई थी।

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