जरुरी जानकारी | रिजर्व बैंक गवर्नर मल्होत्रा शुक्रवार को पेश करेंगे मौद्रिक नीति समीक्षा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा शुक्रवार को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करेंगे।

मुंबई, पांच जून भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा शुक्रवार को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करेंगे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुल्क लगाए जाने के कारण उत्पन्न व्यापार तनाव के बीच आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए लगातार तीसरी बार प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत या इससे अधिक की कटौती की उम्मीद है।

आरबीआई की दर तय करने वाली मौद्रिक नीति समिति की तीन-दिवसीय बैठक चार जून को शुरू हुई थी।

केंद्रीय बैंक ने गवर्नर की अध्यक्षता वाली एमपीसी की सिफारिशों पर इस वर्ष फरवरी और अप्रैल में प्रमुख ब्याज दर (रेपो) में 0.25-0.25 प्रतिशत की कटौती की थी।

रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को बताया कि मल्होत्रा ​​छह जून दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजे मौद्रिक नीति की घोषणा करेंगे।

अधिकांश विशेषज्ञों का मानना ​​है कि आरबीआई इस बार भी रेपो में 0.25 प्रतिशत की कटौती करेगा। हालांकि, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शोध रिपोर्ट में 0.50 प्रतिशत की बड़ी कटौती की बात कही गई है।

आरबीआई के एक आकलन के अनुसार, फरवरी 2025 से रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती के जवाब में, अधिकांश बैंकों ने अपनी रेपो से संबद्ध बाह्य मानक-आधारित ब्याज दरों (ईबीएलआर) और कोष की सीमांत लागत-आधारित उधार दर (एमसीएलआर) को कम कर दिया है।

एमपीसी में आरबीआई के तीन सदस्य और सरकार द्वारा नियुक्त तीन बाहरी सदस्य शामिल हैं। आरबीआई के सदस्य हैं: गवर्नर संजय मल्होत्रा, डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर राव और कार्यकारी निदेशक राजीव रंजन।

बाहरी सदस्य हैं: नयी दिल्ली स्थति औद्योगिक विकास अध्ययन संस्थान के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी नागेश कुमार; अर्थशास्त्री सौगत भट्टाचार्य और दिल्ली स्थित दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक प्रो. राम सिंह।

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