रिजर्व बैंक ने बैंकों, सहकारी बैंकों के लाभांश वितरण पर रोक लगाई
केंद्रीय बैंक को आशंका है कि कोरोना वायरस की वजह से लगने वाला आर्थिक झटका लंबा खिंचेगा। इससे वित्तीय प्रणाली की सेहत के लिए जोखिम पैदा होगा।
मुंबई, 17 अप्रैल भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को सभी वाणिज्यिक और सहकारी बैंकों पर अपने शेयरधारकों और प्रवर्तक समूहों को वर्ष 2019-20 के लिए अब आगे कोई लाभांश का भुगतान न करने को कहा है। इससे बैंकों के पास पूंजी बचेगी लेकिन केंद्र सरकार के राजस्व पर असर पड़ेगा।
केंद्रीय बैंक को आशंका है कि कोरोना वायरस की वजह से लगने वाला आर्थिक झटका लंबा खिंचेगा। इससे वित्तीय प्रणाली की सेहत के लिए जोखिम पैदा होगा।
माना जा रहा है कि इस फैसले से केंद्र पर पहले से कायम वित्तीय दबाव और बढ़ेगा।
कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन और वृद्धि दर में गिरावट की वजह से ऋण की मांग पहले से कम है। ऐसे में पहले ही ऊंचे डूबे कर्ज की समस्या से जूझ रहे बैंकों के मुनाफे पर दबाव है।
केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने यहां अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कुछ उपायों की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘कोविड-19 की वजह से लगने वाले आर्थिक झटकों के मद्देनजर वाणिज्यिक बैंकों और सहकारी बैंकों के वित्त वर्ष 2019-20 के मुनाफे से लाभांश के वितरण पर अगले निर्देश तक रोक रहेगी।’’
उन्होंने कहा कि सितंबर, 2020 की तिमाही में बैंकों की वित्तीय स्थिति के आधार पर इन अंकुशों की समीक्षा जाएगी।
केनरा रोबेको एएमसी के अवनीश जैन ने कहा, ‘‘बैंकों से लाभांश भुगतान पर रोक से सरकार का गैर-कर राजस्व प्रभावित होगा। इससे पहले से खराब वित्तीय स्थिति और दबाव में आएगी।‘’
निजी क्षेत्र के बैंकों को जहां काफी कम लाभांश देना होता है, वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सरकार को सालाना लाभांश के रूप में काफी बड़ी राशि देनी पड़ती है। 2018 से तो सरकार ने सभी मुनाफा कमाने वाली कंपनियों के लिए अपने शुद्ध लाभ का कम से कम 20 प्रतिशत लाभांश के रूप में देने को अनिवार्य कर दिया है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 17, 2020 04:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

