जरुरी जानकारी | रिजर्व बैंक ने कॉलेज ऑफ सुपरवाइजर्स के पूर्णकालिक निदेशक की नियुक्ति की

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मुंबई, छह जनवरी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को कहा कि मई 2020 से आभासी स्वरूप में सीमित परिचालन कर रहे कॉलेज ऑफ सुपरवाइजर्स (सीओएस) ने अब पूरी तरह से कामकाज शुरू कर दिया है। अब इसे एक पूर्णकालिक निदेशक के साथ ही अकादमिक परामर्श परिषद (एएसी) का समर्थन मिल रहा है।

आरबीआई के पूर्व कार्यकारी निदेशक रवि नारायण मिश्रा को सीओएस के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।

रिजर्व बैंक ने विनियमित संस्थाओं पर निगरानी को और मजबूत करने के उपायों के तहत कॉलेज ऑफ सुपरवाइजर्स की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य नये व पुराने दोनों प्रकार के निगरानी तथा नियामकीय कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है।

रिजर्व बैंक ने कहा कि यह संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण और अन्य विकास संबंधी इनपुट प्रदान करके एकीकृत व केंद्रित पर्यवेक्षण के विकास की सुविधा के लिये किया गया।

आरबीआई ने कहा, ‘‘सीओएस ने मई 2020 से वर्चुअल मोड में सीमित रूप से काम शुरू कर दिया था, अब इसे पूरी तरह से संचालित किया जा रहा है। सीओएस के पास अब एक पूर्णकालिक निदेशक के साथ ही अकादमिक सलाहकार परिषद (एएसी) का समर्थन उपलब्ध है।’’

आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर एनएस विश्वनाथन की अध्यक्षता में छह सदस्यीय अकादमिक सलाहकार परिषद (एएसी) उन क्षेत्रों की पहचान करेगा, जहां कौशल निर्माण / अप-स्किलिंग की आवश्यकता है। एएसी के अन्य सदस्य हैं ‘अरिजीत बसु (पूर्व एमडी, एसबीआई), परेश सुक्तांकर (पूर्व डीएमडी, एचडीएफसी बैंक), प्रो एस रघुनाथ (आईआईएम बैंगलोर), प्रो तथागत बंद्योपाध्याय (आईआईएम अहमदाबाद) और प्रो सुब्रत सरकार (आईजीआईडीआर मुंबई)‘।

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