देश की खबरें | कर्नाटक में मुस्लिम ठेकेदारों को आरक्षण असंवैधानिक : भाजपा

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नयी दिल्ली, 15 मार्च भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कर्नाटक सरकार के सरकारी ठेकों में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए इसकी आलोचना की और आरोप लगाया कि यह कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा है और इससे राष्ट्रीय एकता कमजोर होगी।

भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी विपक्षी दलों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक वोट बैंक की राजनीति में कांग्रेस का नेतृत्व करना चाहते हैं।

प्रसाद ने दावा किया कि कर्नाटक सरकार द्वारा मुस्लिम ठेकेदारों के लिए आरक्षण तय करने के फैसले के पीछे राहुल गांधी का हाथ है, क्योंकि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के पास यह फैसला लेने का साहस या राजनीतिक सामर्थ्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकारी ठेकों में मुसलमानों के लिए अलग आरक्षण की घोषणा ने सांप्रदायिक और वोट बैंक की राजनीति को नया आयाम दिया है।

पूर्व कानून मंत्री ने कहा कि ऐसा निर्णय छोटा लग सकता है, लेकिन इस तरह के घटनाक्रमों के राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर परिणाम होते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस तरह की प्रतिस्पर्धी तुष्टीकरण की राजनीति की कोई सीमा है और क्या सिनेमा और रेल टिकट खरीदने के लिए मुसलमानों की अलग कतारें लगेंगी।

प्रसाद ने दावा किया कि ऐसे फैसले उन मुसलमानों की आवाज को भी कमजोर करते हैं जो ऐसी राजनीति के खिलाफ हैं और देश के विकास के लिए खड़े हैं।

प्रसाद ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान मुसलमानों के लिए अलग व्यवहार की कई मांगों का परिणाम अंततः देश का विभाजन हुआ।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने धर्म आधारित आरक्षण के खिलाफ मुखर तरीके से राय रखी है और विश्वास व्यक्त किया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के फैसले को अदालतों में चुनौती दी जाएगी।

प्रसाद ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी संविधान को समझते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित अन्य राज्य भी कर्नाटक के उदाहरण का अनुसरण कर सकते हैं और भाजपा इसका विरोध करेगी।

प्रसाद ने कहा कि संविधान में सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण का प्रावधान है और विभिन्न राज्यों में मुसलमानों को भी इसका लाभ मिला है।

कर्नाटक सरकार ने मुस्लिम ठेकेदारों को सरकारी निविदाओं में चार प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए कर्नाटक सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता (केटीपीपी) अधिनियम में संशोधन को अपनी मंजूरी दे दी है।

प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रतिस्पर्धी वोटबैंक और मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति में नया मापदंड स्थापित कर रही है और यह देश के लिए खतरनाक है। भाजपा नेता ने कहा कि संविधान के तहत धर्म आधारित आरक्षण अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना भले ही चले गए हों, लेकिन अपने पीछे वे लोग छोड़ गए हैं जो उनकी राजनीति करते हैं।

प्रसाद ने कहा, “देश में बड़ी संख्या में मुसलमान अब ऐसी राजनीति पसंद नहीं करते।”

प्रसाद ने कहा कि भाजपा मौलाना अबुल कलाम आजाद और पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जैसी मुस्लिम हस्तियों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने अंडमान और निकोबार क्षेत्र में एक द्वीप का नाम परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हामिद के नाम पर रखा है।

प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस नेता इन दिनों भाजपा पर निशाना साधने के लिए भीम राव आंबेडकर की तस्वीरें लेकर घूमते हैं। उन्होंने आंबेडकर द्वारा प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की इस बात के लिए की गई आलोचना का हवाला दिया कि नेहरू मुसलमानों के लिए बोलते हैं, लेकिन अनुसूचित जातियों के कल्याण की बात नहीं करतें।’’

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