देश की खबरें | सात बड़े राज्यों से ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने का अनुरोध
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने रविवार को महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता और राज्य के अंदर तथा दूसरे राज्यों में ऑक्सीजन सिलेंडरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाए। एक बयान में यह जानकारी दी गई।
नयी दिल्ली, 13 सितंबर केंद्र ने रविवार को महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता और राज्य के अंदर तथा दूसरे राज्यों में ऑक्सीजन सिलेंडरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाए। एक बयान में यह जानकारी दी गई।
इसमें कहा गया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक डिजिटल बैठक की जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, सचिव डीपीआईआईटी और सचिव, औषध ने हिस्सा लिया। बैठक में सात राज्यों के स्वास्थ्य सचिव और उद्योग सचिव भी शामिल थे और इस दौरान सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता तथा ऑक्सीजन सिलेंडरों की राज्य के अंदर और दूसरों राज्यों तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
केंद्रीय वाणिज्य, उद्योग एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी उन्हें संबोधित किया।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राज्यों को परामर्श दिया गया कि वे स्वास्थ्य केंद्र वार/अस्पताल वार ऑक्सीजन के लेखे-जोखे का प्रबंधन करें और वहां खर्च होने पर फिर से ऑक्सीजन की अग्रिम आपूर्ति सुनिश्चित करें जिससे उनके स्टॉक में कमी होने की स्थिति न बने।
उनसे यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया गया कि चिकित्सीय ऑक्सीजन की राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच आवाजाही पर कोई रोक न लगाई जाए और शहरों के अंदर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) टैंकरों के लिये “हरित गलियारों” का प्रावधान किया जाए।
बयान में कहा गया कि अस्पतालों और संस्थानों के उत्पादकों के साथ ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिये दीर्घकालिक अनुबंध होते हैं जिनका सम्मान किये जाने की जरूरत है। इसलिये राज्यों को ऑक्सीजन की मुक्त आवाजाही पर रोक नहीं लगानी चाहिए।
इसमें ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिये उत्पादकों और आपूर्तिकर्ताओं के बकाये का समय पर भुगतान करने को लेकर भी जोर दिया गया।
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