देश की खबरें | गणतंत्र दिवस हिंसा : प्रदर्शनकारियों ने कांस्टेबलों से गोलियां छीन ली, प्राथमिकी में कहा गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गणतंत्र दिवस पर लाल किला में हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दो कांस्टेबलों से दो मैग्जीन के साथ 20 कारतूस, दंगा रोधी उपकरण भी छीन लिए और वाहनों को नुकसान पहुंचाया। घटना को लेकर दर्ज प्राथमिकी में ये आरोप लगाया गया है।

नयी दिल्ली, 28 जनवरी गणतंत्र दिवस पर लाल किला में हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दो कांस्टेबलों से दो मैग्जीन के साथ 20 कारतूस, दंगा रोधी उपकरण भी छीन लिए और वाहनों को नुकसान पहुंचाया। घटना को लेकर दर्ज प्राथमिकी में ये आरोप लगाया गया है।

उत्तरी दिल्ली में कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। इसमें कहा गया है कि लाल किला पर हिंसा के दौरान 141 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।

प्राथमिकी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने बंदूकें भी छीनने का प्रयास किया लेकिन दोनों कांस्टेबल अपना हथियार सुरक्षित रख पाने में कामयाब रहे। हालांकि, वे मैग्जीन नहीं बचा सके।

प्राथमिकी में कहा गया, ‘‘भीड़ ने कांस्टेबल भवानी सिंह की एमपी-5 बंदूक छीनने का प्रयास किया। हालांकि वह बंदूक सुरक्षित रख पाने में सफल रहे लेकिन प्रदर्शनकारी उनकी 20 कारतूस की मैग्जीन छीन ले गए। इसी तरह भीड़ ने कांस्टेबल नरेश की एसएलआर बंदूक के 20 कारतूसों को लूट लिया।’’

प्राथमिकी में घटनाक्रम को विस्तार से बताया गया है। इसमें कहा गया है, ‘‘गणतंत्र दिवस समारोह के कारण लाल किला परिसर और आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात थी। पुलिस ने चार मार्गों से किसानों को ट्रैक्टर परेड निकालने की इजाजत दी थी। उन्हें कोतवाली क्षेत्र में दाखिल होने की अनुमति नहीं दी गयी।’’

इसमें आगे कहा गया है कि दोपहर करीब 12 बजे उत्तरी जिला नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली कि राजघाट से शांति वन चौक होकर बड़ी संख्या में किसान आ रहे हैं। गणतंत्र दिवस के मद्देनजर जगह-जगह अवरोधक भी लगाए गए थे। बाद में प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों को तोड़ डाला और लाल किला की ओर जाने लगे।

प्राथमिकी के मुताबिक जब वे लाल किला की ओर बढे तो उस समय नेताजी सुभाष मार्ग के जरिए झांकी भी गुजर रही थी। इसके बाद प्रदर्शनकारी लाल किला परिसर में घुस गए और इसकी प्राचीर पर चले गए।

प्राथमिकी में कहा गया, ‘‘भीड़ ने वहां पर अपना झंडा लगा दिया। उन्होंने उपद्रव करना शुरू कर दिया। भीड़ से नीचे आने को कहा गया। वे मीना बाजार क्षेत्र में जाना चाहते थे। पुलिस उन्हें लाहौरी गेट तक ले जा रही थी। इस बीच भीड़ हिंसक हो गयी और सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिसकर्मियों से मारपीट की और उन्हें दीवार की तरफ धकेल दिया।’’

इसमें कहा गया, ‘‘भीड़ ने एक बस, एक सरकारी जिप्सी और अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया। भीड़ दंगा रोधी उपकरण- लाठियां, शील्ड, हेलमेट आदि सामान भी छीन ले गयी। ’’

प्राथमिकी में कहा गया कि भीड़ ने लाहौरी गेट शौचालय के पास कुछ पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया और टिकट काउंटर में तोड़फोड़ की।

दिल्ली पुलिस ने लाल किला से जुड़ी घटना के मामले में प्राथमिकी में दीप सिद्धू और लक्खा सिद्धाना को भी नामजद किया है।

पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 186 (लोकसेवक के काम में बाधा डालना), धारा 353 (लोकसेवक को उसकी ड्यूटी से रोकने के लिए हमला), 308 (गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास), 152 (दंगा के दौरान लोकसेवक पर हमला), 397 (लूटपाट, डकैती के साथ हमले का प्रयास) और 307 (हत्या के प्रयास) के तहत आरोप लगाए हैं।

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