देश की खबरें | गणतंत्र दिवस हिंसा : मृतक किसान के परिजन अदालत की निगरानी में एसआईटी जांच के लिए उच्च न्यायालय पहुंचे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली के आईटीओ पर कथित तौर पर ट्रैक्टर पलटने से मरे 25 वर्षीय किसान के परिवार ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अदालत की निगरानी में घटना की एसआईटी जांच कराने का अनुरोध किया।
नयी दिल्ली, 10 फरवरी गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली के आईटीओ पर कथित तौर पर ट्रैक्टर पलटने से मरे 25 वर्षीय किसान के परिवार ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अदालत की निगरानी में घटना की एसआईटी जांच कराने का अनुरोध किया।
मृतक नवरीत सिंह के दादा हरदीप सिंह की ओर से दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर याचिका बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।
हरदीप सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि अपने पोते की मौत की सही और निष्पक्ष जांच एवं न्याय पाने के साथ सच्चाई जानने का उन्हें अधिकार है।
पुलिस के मुताबिक नवरीत सिंह की मौत आईटीओ पर ट्रैक्टर पलटने की वजह से हुई जो पूर्व निर्धारित ट्रैक्टर परेड के रास्ते से इतर गाजीपुर बॉर्डर से प्रदर्शन के लिए कई किसानों के साथ वहां पहुंचा था।
घटना के बारे में पुलिस का दावा है कि नवरीत सिंह ट्रैक्टर पलटने से उसके नीचे दब गया जिससे उसकी मौत हो गई।
हालांकि, याचिका में कहा गया है कि मीडिया को चश्मदीदों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक नवरीत अपना ट्रैक्टर चला रहा था और जब वह नई दिल्ली स्थित आंध्र एजुकेशन सोसाइटी के पास से गुजरा तो पुलिस ने कथित तौर पर गोली चलाई जिससे उसने नियंत्रण खो दिया और उसका ट्रैक्टर कुछ अवरोधकों से टकराकर पलट गया।
अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर, सौतिक बनर्जी, मन्नत टिपनिस एवं देविका तुलसीयानी के माध्यम से दायर याचिका में नवरीत के दादा ने अनुरोध किया है कि अदालत द्वारा नियुक्त एवं निगरानी वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) मामले की जांच करे जिसमें उन पुलिस अधिकारियों को शामिल किया जाए जिनका बेदाग करियर रहा हो और जो ईमानदार एवं कुशल हों।
उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि एसआईटी को नियमित तौर पर प्रगति रिपोर्ट अदालत के समक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया जाए ताकि समयबद्ध तरीके से अदालत की निगरानी में जांच पूरी हो सके।
याचिका में दिल्ली सरकार के गृह विभाग, इंद्रप्रस्थ एस्टेट थाने के प्रभारी, उत्तर प्रदेश के बिलासपुर थाने के प्रभारी और रामपुर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पक्षकार बनाने का अनुरोध किया गया है।
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