देश की खबरें | आईटी नियमों में संशोधनों को हटाया जाये, मीडिया परिषद की स्थापना की जाये: प्रेस एसोसिएशन

नयी दिल्ली, 20 जनवरी प्रेस एसोसिएशन (पीए) ने शुक्रवार को सरकार से सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में संशोधन के मसौदे को ‘‘हटाने’’ के लिए कहा है।

सरकार ने बृहस्पतिवार को अपनी मीडिया शाखा पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा ‘फर्जी’ या ‘भ्रामक’ के रूप में चिह्नित सामग्री को हटाने के लिए नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों में प्रस्तावित संशोधन पर जनता से टिप्पणियां आमंत्रित की थीं।

सरकारी मान्यता प्राप्त मीडियाकर्मियों के एक प्रतिनिधि निकाय, पीए ने इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया किे लिये प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की तर्ज पर एक अर्ध न्यायिक निकाय स्थापित करने का भी सुझाव दिया और उसके पास फर्जी समाचारों की शिकायतों पर निर्णय लेने के लिए शक्तियां होनी चाहिये।

पीए ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रेस परिषद पहले से ही फर्जी समाचार की कई शिकायतों पर फैसला कर रही है... पीआईबी जैसी विशुद्ध रूप से सरकारी संस्था को फर्जी समाचार को निर्धारित करने और कार्रवाई करने की शक्ति मिलने से परिषद का अधिकार, स्वतंत्रता कम हो जाएगी, जो 1966 से सुचारू रूप से काम कर रही है।’’

पीए ने कहा कि अगर सरकार इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया को परिषद के दायरे में लाना चाहती है, तो वह मीडिया परिषद की स्थापना की सिफारिश कर सकती है और प्रस्ताव पहले से ही पीसीआई के पास है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के मसौदे में संशोधन जारी किया था, जिसे पहले सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया था।

‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने बुधवार को सरकार से आग्रह किया था कि सोशल मीडिया कंपनियों को पीआईबी द्वारा ‘‘फर्जी’’ माने जाने वाले समाचारों को हटाने के लिए निर्देश देने वाले आईटी नियमों में संशोधन के मसौदे को वापस लिया जाए।

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