जरुरी जानकारी | रेलिगेयर ने रश्मि सलूजा को अत्यधिक पारिश्रमिक देने के आरोपों को नकारा

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नयी दिल्ली, 20 नवंबर रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) ने अपनी चेयरपर्सन रश्मि सलूजा को अत्यधिक पारिश्रमिक दिए जाने के आरोपों को सोमवार को खारिज कर दिया। कंपनी ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और झूठा बताया है।

कंपनी ने यह बयान प्रॉक्सी सलाहकार फर्म इनगवर्न रिसर्च के उन आरोपों के जवाब में दिया है, जिनमें कहा गया था कि सलूजा को अत्यधिक पारिश्रमिक दिया गया है।

रेलिगेयर ने कहा कि सलूजा को प्रदर्शन से जुड़ा पारिश्रमिक नामांकन और पारिश्रमिक समिति (एनआरसी), निदेशक मंडल और आरईएल के शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद दिया गया था।

कंपनी ने बयान में कहा, “आरोप है कि कार्यकारी चेयरपर्सन को सालाना 150 करोड़ रुपये से अधिक का पारिश्रमिक मिलता है, जो पूरी तरह से गलत और झूठा है। आरईएल की वित्त वर्ष 22-23 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कार्यकारी चेयरपर्सन का पारिश्रमिक 8.12 करोड़ रुपये था। ईएसओपी के अनुलाभ मूल्य को शामिल करने के बाद भी यह 42.06 करोड़ रुपये बैठता है।”

इसमें आगे कहा गया कि सलूजा को निदेशक मंडल के एक प्रस्ताव और शेयरधारकों की मंजूरी के माध्यम से फरवरी, 2023 में पांच साल की अवधि के लिए दूसरे कार्यकाल के लिए कार्यकारी चेयरपर्सन के रूप में फिर से नियुक्त किया गया था।

रेलिगेयर ने कहा कि सलूजा ने आरईएल के सभी शेयरधारकों के लिए मूल्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आरईएल का शेयर मूल्य 2020 में 17 रुपये के निचले स्तर से सितंबर, 2023 में बढ़कर 280 रुपये के उच्चस्तर पर पहुंच गया।

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