विदेश की खबरें | लोक व्यवस्था कायम रखने संबंधी कानून के तहत हिरासत में लिए लोगों को रिहा करें: लाहौर उच्च न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. लाहौर उच्च न्यायालय ने नौ मई की हिंसा के बाद पंजाब सूबे में लोक व्यवस्था कायम रखने संबंधी आदेश (एमपीओ) के तहत पकड़े गए लोगों की हिरासत को अमान्य करार दिया।
लाहौर, एक जून लाहौर उच्च न्यायालय ने नौ मई की हिंसा के बाद पंजाब सूबे में लोक व्यवस्था कायम रखने संबंधी आदेश (एमपीओ) के तहत पकड़े गए लोगों की हिरासत को अमान्य करार दिया।
अदालत ने उन लोगों को रिहा करने का आदेश दिया जिनके खिलाफ अन्य मामले दर्ज नहीं हैं।
लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सफदर सलीम शाहिद ने यह आदेश उन याचिकाओं पर दिया जिनमें सूबे के 11 जिलों में कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों को एमपीओ के तहत हिरासत में लेने को चुनौती दी गई थी।
इस फैसले से पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को बड़ी राहत मिली है जिसके कई नेता हिंसा के बाद से सलाखों के पीछे हैं।
उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार के मामले में इमरान की गिरफ्तारी के बाद नौ मई को पूरे देश में हुए हिसंक प्रदर्शन में 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद पूरे पाकिस्तान में पीटीआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी।
अदालत ने अपने फैसले में कहा, ‘‘ बेलगाम भीड़ ने नौ मई को अप्रिय और आश्चर्यजनक घटनाओं को अंजाम दिया जिससे देश की शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक छवि धूमिल हुई। कानून व्यवस्था कायम रखने की जिम्मेदारी सरकार की थी, लेकिन इस तरह से नहीं जैसा कि भाग्य के भरोसे छोड़ दिया हो।’’
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