विदेश मंत्री हेइको मास ने रविवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में कहा कि अगर अमेरिका जर्मनी में तैनात अपने हजारों सैनिकों को वापस बुलाने की योजना को अमल में लाता है तो बर्लिन‘‘ इस पर गौर करेगा।’’
मास ने साप्ताहिक ‘बिल्ड एम सोन्टाग’ से बातचीत में कहा कि जर्मनी ‘‘अमेरिकी बलों के साथ दशकों के सहयोग को महत्व देता है। और यह दोनों देशों के हित में हैं।’
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वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को अपनी एक खबर में कहा था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेंटागन को जर्मनी में अपने सैनिकों की संख्या घटा कर 9,500 करने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा,‘‘ जर्मनी और अमेरिका ट्रांस अटलांटिक गठबंधन में निकट सहयोगी हैं। लेकिन यह जटिल है।’’
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मास ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव प्रचार से अमेरिका का और ध्रुवीकरण हो सकता है और लोकलुभावन राजनीति को और बढ़ा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘तब देश के भीतर सह-अस्तित्व न केवल कठिन हो जाता है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संघर्ष को हवा देता है।’’
मास ने अमेरिका में नस्लीय भेदभाव के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों पर रिपब्लिक पार्टी से ताल्लुक रखने वाले पूर्व राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश और राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी से प्रबल उम्मीदवार जो बाइडेन के रुख की प्रशंसा की और कहा,‘‘इससे मुझे उम्मीद बंधती है कि दोनों खेमों मे जिम्मेदार लोग हैं। मैं वाकई उम्मीद करता हूं कि समझदार लोग जीतेंगे।’’
एपी
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