जरुरी जानकारी | विदेशों में तेजी के रुख से सोयाबीन, पामोलीन, कच्चा पॉम तेल में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच स्थानीय त्योहारी मांग बढ़ने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सोयाबीन तेल तिलहन, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार रहा। त्यौहारी मांग के बावजूद लिवाली कमजोर रहने से बाकी तेल तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
नयी दिल्ली, 30 सितंबर विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच स्थानीय त्योहारी मांग बढ़ने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सोयाबीन तेल तिलहन, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार रहा। त्यौहारी मांग के बावजूद लिवाली कमजोर रहने से बाकी तेल तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
मलेशिया एक्सचेंज में 3.1 प्रतिशत की तेजी रही जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में डेढ़ प्रतिशत की तेजी रही। विदेशों की इस तेजी का असर स्थानीय तेल-तिलहन कीमतों पर भी दिखाई दिया और भाव लाभ दर्शाते बंद हुए।
बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत होने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार आया। सीपीओ में 80 रुपये, पामोलीन दिल्ली में 100 रुपये और पामोलीन कांडला में 100 रुपये का सुधार आया। वहीं, शिकागो एक्सचेंज के मजबूत होने से सोयाबीन दिल्ली में 10 रुपये, सोयाबीन इंदौर में 10 रुपये और सोयाबीन डीगम के भाव में 50 रुपये का सुधार देखने को मिला। डीओसी की मांग थोड़ा कमजोर रहने के बावजूद सोयाबीन दाना और लूज के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
उन्होंने कहा कि पिछले साल सहकारी संस्था नेफेड ने एनसीडीईएक्स में अपने स्टॉक रखा था जिसे बाद में नेफेड ने बेचा था। इस तेल की डिलीवरी बगैर कंडीशन के व्यापारियों को मिली थी लेकिन इस बार जो कोई व्यापारी एनसीडीईएक्स से माल लेगा उसे यह 42 प्रतिशत कंडीशन पर मिलेगा।
सूत्रों का कहना है कि मंडियों में सरसों की आवक घट रही है और आगे इसमें अधिक कमी आयेगी। करीब 10-12 दिन पहले देश भर की मंडियों में सरसों की जो आवक दो लाख 35 हजार बोरी के लगभग थी वह अब घटकर 1.70 - 1.75 लाख बोरी रह गई है। छोटे व्यापारी और मार्का वाली कंपनियां जब एनसीडीईएक्स से माल खरीदेंगी तो 42 प्रतिशत कंडीशन होने के कारण उनको सरसों तेल सस्ता पड़ेगा और अंतत: इससे उपभोक्ताओं को लाभ हो सकता है।
सरसों तेल के विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल आने के समय सरसों के पुराने दाने की मांग बढ़ती है और सरकार को इन स्थितियों को ध्यान में रखकर कदम उठाने होंगे।
सूत्रों ने कहा कि सलोनी, शम्साबाद में सरसों का भाव 9,350 रुपये से बढ़ाकर 9,400 रुपये क्विंटल कर दिया गया। इस तेजी के बावजूद सरसों तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 8,775 - 8,825 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली - 6,400 - 6,545 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,550 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,195 - 2,325 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 17,770 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,690 -2,740 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,775 - 2,885 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,500 - 18,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,360 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,980 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,900
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,480 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,700 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,100 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,050 (बिना जीएसटी के)
सोयाबीन दाना 5,900 - 6,100, सोयाबीन लूज 5,600 - 5,800 रुपये
मक्का खल (सरिस्का) 3,800 रुपये
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 30, 2021 08:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

