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जरुरी जानकारी | विदेशों में मजबूती के रुख से स्थानीय तेल तिलहन कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में सुधार के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सोयाबीन, सरसों तेल, तिलहन सहित बिनौला, कच्चा पाम तेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। जबकि मूंगफली की गर्मी की फसल की मंडियों में आवक बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

जरुरी जानकारी | विदेशों में मजबूती के रुख से स्थानीय तेल तिलहन कीमतों में सुधार

नयी दिल्ली, 29 जून विदेशी बाजारों में सुधार के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सोयाबीन, सरसों तेल, तिलहन सहित बिनौला, कच्चा पाम तेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। जबकि मूंगफली की गर्मी की फसल की मंडियों में आवक बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार सूत्रों ने बताया कि शिकॉगो एक्सचेंज में ढाई प्रतिशत और मलेशिया एक्सचेंज में 1.5 प्रतिशत का सुधार रहा। जिसकी वजह से लगभग सभी खाद्य तेलों के भाव लाभ के साथ बंद हुए। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्था हाफेड ने हरियाणा में 5,000 टन सरसों खरीद करने के लिए निविदा (टेंडर) जारी की है और इसके लिए कारोबारियों की ओर से अधिकतम 7,481 रुपये प्रति क्विन्टल की पेशकश की गई है।

सूत्रों ने कहा कि तेल मिलों के बंद होने से सरसों तेलों की मांग बढ़ने लगी है जो आने वाले दिनों में काफी बढ़ने की उम्मीद है। मौजूदा अचार बनाने के मौसम में सरसों तेल की मांग बढ़ती है। दूसरी ओर मंडियों में सरसों की आवक कमजोर है। इस स्थिति में सरसों तेल तिलहनों के भाव मजबूती में हैं।

जानकार सूत्रों का कहना है कि सरकार को अगली सरसों फसल के लिए बीज का इंतजाम कर लेना चाहिये नहीं तो बाद में समस्या आड़े आ सकती है। सरसों तेल के लिए विशेषकर बिहार, उ.प्र., प. बंगाल जैसे उत्तर भारत के राज्यों से मांग आ रही है। आठ जून के बाद सरसों में मिलावट पर रोक लगने के बाद सरसों की मांग बढ़ी है। इस स्थिति को देखते हुये अगली बार सरसों की पैदावार दोगुना होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

सूत्रों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर डीओसी की भारी मांग निकलने तथा शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी की वजह से सोयाबीन तेल-तिलहन कीमतों में पर्याप्त सुधार देखने को मिला।

मूंगफली की गर्मी की फसल की मंडियों में आवक बढ़ने के कारण मूंगफली तेल-तिलहनों के भाव पूर्ववत रहे जबकि स्थानीय मांग होने से बिनौला तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 7,300 - 7,350 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 5,445 - 5,590 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,350 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,055 - 2,185 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,260 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,305 -2,355 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,405 - 2,505 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,000 - 17,500 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,550 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,350 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,280 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 10,520 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,050 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,250 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 11,150 (बिना जीएसटी के)

सोयाबीन दाना 7,485 - 7,545, सोयाबीन लूज 7,385 - 7,445 रुपये

मक्का खल 3,800 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 29, 2021 05:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).