विदेश की खबरें | बीपी की दवा लेने से उच्च रक्तचाप मरीजों में कोविड-19 से मौत का जोखिम कम : अध्ययन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीज जो इसकी दवा नहीं ले रहे हैं, उनकी कोरोना वायरस से मौत होने का जोखिम ज्यादा होता है। यह दावा करते हुए एक अध्ययन में कहा गया है कि पहले से मौजूद बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं कोविड-19 के कुछ मरीजों का बचाव कर सकती है।

बीजिंग, सात जून उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीज जो इसकी दवा नहीं ले रहे हैं, उनकी कोरोना वायरस से मौत होने का जोखिम ज्यादा होता है। यह दावा करते हुए एक अध्ययन में कहा गया है कि पहले से मौजूद बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं कोविड-19 के कुछ मरीजों का बचाव कर सकती है।

अध्ययन में पाया गया कि जो मरीज उच्च रक्तचाप से पीड़ित होते हैं, उनके कोरोना वायरस संक्रमण से मरने का खतरा उन लोगों के मुकाबले दोगुना हो जाता है, जिनको यह बीमारी नहीं है।

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अध्ययन में, शीजिंग अस्पताल के तीन वैज्ञानिकों समेत अन्य ने 2,866 कोविड-19 मरीजों से संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण किया जो पांच फरवरी से 15 मार्च के बीच हुओ शेन शान अस्पताल में भर्ती थे।

उन्होंने कहा कि करीब 30 प्रतिशत मरीजों को उच्च रक्तचाप था।

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शीजिंग अस्पताल के फेई ली और लिंग ताओ की अगुवाई में हुए अध्ययन के मुताबिक, उच्च रक्तचाप से पीड़ित 850 मरीजों में से 34 (चार प्रतिशत) की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई जबकि बिना उच्च रक्तचाप वाले 2,027 मरीजों में से 22 (1.1 प्रतिशत) की मौत हुई।

अध्ययन में कहा गया कि उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीज जो दवा नहीं ले रहे थे, उनमें से 140 में से 11 की (आठ प्रतिशत) कोरोना वायरस से मौत हो गई जबकि उनकी तुलना में दवा लेने वाले 710 मरीजों में से 23 की मौत हुई।

हालांकि अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि चूंकि यह अध्ययन अस्पताल से लिए गए डेटा पर आश्रित है और नियंत्रित क्लिनिक परीक्षण पर आधारित नहीं है, इसलिए इन परिणामों के आधार पर क्लिनिकल अनुशंसा करना जल्दबाजी होगी।

यह अध्ययन ‘यूरोपियन हार्ट जर्नल’ में प्रकाशित हुआ है।

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