लखनऊ, तीन दिसम्बर जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो के बजाय पांच ‘रनवे’ बनाने की सिफारिश की गयी है।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जेवर हवाई अड्डे के लिए गठित परियोजना निगरानी कार्यान्वयन समिति (‘पीएमआईसी) की मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को बैठक लखनऊ में हुई। बैठक में जेवर हवाई अड्डे पर ‘रनवे’ की संख्या को दो से बढ़ाकर चार या छह किये जाने के सम्बन्ध में तकनीकी परामर्शदाता की अध्ययन रिपोर्ट पेश की गई।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (नोएडा हवाई अड्डा) अरुण वीर सिंह और परामर्शदाता संस्था पीडब्ल्यूसी ने मुख्य सचिव के सामने पेश प्रस्तुतीकरण में कुल पांच ‘रनवे’ बनाने की गुंजाइश बतायी। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे पर तीन और ‘रनवे’ बनाए जा सकते हैं।
प्रवक्ता के मुताबिक बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद पीएमआईसी ने पांच ‘रनवे’ बनाए जाने तथा वित्त की उपलब्धता होने पर भूमि अधिग्रहण करने की मंत्रिपरिषद से सिफारिश कर दी गयी।
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उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में तीसरे ‘रनवे’ के लिए 1365 हेक्टयर भूमि का अधिग्रहण होगा। प्रथम चरण के दो ‘रनवे’ के लिए 1334 हेक्टयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। दूसरे चरण में तीन ‘रनवे’ के लिये कुल 3418 हेक्टयर और भूमि की जरूरत होगी।
पाँच ‘रनवे’ का जेवर हवाई अड्डा कुल 4752 हेक्टयर जमीन पर बनेगा।
प्रवक्ता के मुताबिक अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन और अपर मुख्य सचिव (नागरिक उड्डयन) एस.पी. गोयल ने भी जेवर हवाई अड्डा के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण किए जाने की आवश्यकता बतायी।
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