देश की खबरें | फ्रांस में हालिया आतंकी हमलों का प्रभाव सभी लोकतांत्रिक देशों पर पड़ेगा : 22 पूर्व भारतीय दूत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत के 22 पूर्व राजदूतों ने कहा है कि फ्रांस और वहां के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के खिलाफ भारत में विरोध प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय सहमति के विपरीत है और फ्रांस में हालिया बर्बर आतंकवादी हमलों का सभी लोकतांत्रिक देशों पर प्रभाव पड़ेगा ।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, नौ नवंबर भारत के 22 पूर्व राजदूतों ने कहा है कि फ्रांस और वहां के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के खिलाफ भारत में विरोध प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय सहमति के विपरीत है और फ्रांस में हालिया बर्बर आतंकवादी हमलों का सभी लोकतांत्रिक देशों पर प्रभाव पड़ेगा ।

पूर्व राजनयिकों के समूह ने एक बयान में कहा है कि भारत ने फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ निजी तौर पर और देश के तौर पर फ्रांस के साथ एकजुटता प्रकट की है । हालिया वर्षों में फ्रांस के साथ हमारे संबंध काफी प्रगाढ़ हुए हैं ।

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इस समूह में दो सेवानिवृत्त विदेश सचिव और फ्रांस में भारत के राजदूत रह चुके चार राजनयिक भी हैं ।

बयान में कहा गया, ‘‘यह उल्लेख करना जरूरी है कि सभी मंचों पर लगातार अंतरराष्ट्रीय सहमति नजर आयी है, जिसमें कभी भी आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया गया। इस संदर्भ में फ्रांस और वहां के राष्ट्रपति मैक्रों के खिलाफ भारत में प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय सहमति और सरकार के रूख के खिलाफ है।’’ इस बयान पर कंवल सिब्बल, शशांक, भास्वती मुखर्जी, पिनाक रंजन चक्रवर्ती और रूचि घनश्याम के भी हस्ताक्षर हैं।

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यह बयान शनिवार को जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि फ्रांस में इस्लामिक चरमपंथियों द्वारा बर्बर आतंकवादी हमलों का बहुलवाद और कानून के राज पर आधारित सभी लोकतांत्रिक देशों पर असर पड़ेगा ।

बयान में उन्होंने कहा है कि दशकों से भारत (सीमा पार से) प्रायोजित किए जाने वाले आतंकवाद से जूझ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हर मंच पर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के खिलाफ बताया है ।

पैगंबर मोहम्मद के कार्टून को लेकर विवाद के बाद मैक्रों और फ्रांस के खिलाफ मुंबई और भोपाल समेत देश के कई अन्य हिस्सों में पिछले दिनों प्रदर्शन हुए थे ।

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