देश की खबरें | रियासी आतंकी हमला: जम्मू कश्मीर में तलाशी के दौरान एनआईए ने आपत्तिजनक सामग्री जब्त की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने जून में शिव खोड़ी मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्रियों की बस पर हुए घातक आतंकवादी हमले की जांच के तहत शुक्रवार को राजौरी और रियासी जिलों में कई स्थानों पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली/जम्मू, 27 सितंबर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने जून में शिव खोड़ी मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्रियों की बस पर हुए घातक आतंकवादी हमले की जांच के तहत शुक्रवार को राजौरी और रियासी जिलों में कई स्थानों पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार स्थानीय पुलिस से जांच का जिम्मा संभालने के बाद इस साल जून में एनआईए द्वारा दर्ज मामले में रियासी और राजौरी जिलों में सात स्थानों पर व्यापक तलाशी ली गई।

बताया गया है कि तलाशी के दौरान आतंकवादियों और उनके सहयोगियों के बीच संबंधों को दर्शाने वाली आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। सामग्री की जांच की जा रही है।

जांच एजेंसी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि एनआईए टीम द्वारा तलाशी लिए गए स्थानों में 'हाइब्रिड आतंकवादियों' और उनके सहयोगियों के आवासीय परिसरों के साथ-साथ आसपास के जंगल भी शामिल थे।

आतंकवादियों द्वारा नौ जून को श्रद्धालुओं की बस पर की गई गोलीबारी में जम्मू-कश्मीर के बाहर के सात तीर्थयात्रियों सहित नौ लोगों की मौत हो गई थी और 41 अन्य घायल हो गए थे। शिव खोड़ी मंदिर से कटरा जा रही बस अंधाधुंध गोलीबारी के कारण रियासी के पौनी क्षेत्र में तेरयाथ गांव के पास सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गई थी।

इस हमले में मारे गए लोगों में राजस्थान से दो बच्चों समेत नौ लोगों की मौत हो गई थी।

गृह मंत्री ने इस आतंकवादी हमले की जांच का जिम्मा 17 जून को एनआईए को सौंपा था।

इस मामले में अब तक राजौरी के एक व्यक्ति हाकम खान को गिरफ्तार किया गया है, जिसने आतंकवादियों को भोजन, आश्रय और रसद कथित तौर पर मुहैया कराई थी तथा हमले से पहले इलाके का जायजा लेने में उनकी मदद की थी।

अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की कई टीम शुक्रवार सुबह से ही शिव खोड़ी आतंकवादी हमले के सिलसिले में राजौरी और रियासी जिलों में छापे मार रही हैं।

उन्होंने बताया कि अभियान जारी है और विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

एनआईए ने 30 जून को भी राजौरी में ‘हाइब्रिड’ आतंकवादियों और उनके सहयोगियों से जुड़े पांच स्थानों पर छापे मारे थे।

‘हाइब्रिड’ आतंकवादियों का पता लगा पाना मुश्किल होता है क्योंकि आम लोगों के बीच रहकर सामान्य जीवन जीते हैं और उनका आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होता है।

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