जरुरी जानकारी | उत्तर प्रदेश के ढाई लाख श्रमिकों को रियल्टी परियोजनाएं दे सकती हैं काम : नारेडको

नयी दिल्ली, 29 मई रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन नारेडको ने शुक्रवार को कहा कि उसने उत्तर प्रदेश में लौटे ढाई लाख प्रवासी मजदूरों को राज्य के भीतर ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए शुरुआती समझौता किया है। उन्हें यह रोजगार राज्य के भीतर उसकी कई रियल एस्टेट परियोजनाओं में दिया जाएगा।

इस संबंध में नारेडको उत्तर प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में एक सहमति ज्ञापन पत्र पर हस्ताक्षर किए। नारेडको की उत्तर प्रदेश इकाई के तहत राज्य के करीब 250 डेवलपर शामिल हैं।

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नारेडको के साथ इस समझौते के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने उद्योग मंडल फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की), भारतीय औद्योगिक संघ (आईआईए) और लघु उद्योग भारती के साथ भी सहमति ज्ञापन पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इनका मकसद करीब 8.5 लाख मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना है।

कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से 25 मार्च के बाद से देशभर में निर्माण कार्य ठप पड़ गया है।

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नारेडको-उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष आर. के. अरोड़ा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हमने उत्तर प्रदेश के करीब ढाई लाख मजदूरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता किया है। यह मजदूर कोरोना वायरस के चलते विभिन्न राज्यों से हाल में उत्तर प्रदेश लौटे हैं।’’

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पड़ने वाले गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में करीब 1.25 लाख श्रमिकों को काम मिल जाएगा। जबकि इतने ही श्रमिकों को राज्य के अन्य हिस्सों में निर्माण परियोजनाओं में लगाया जा सकता है।

अरोड़ा ने कहा कि संगठन इन श्रमिकों को निर्माण कार्य से जुड़ा प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएगी। इस सहमति ज्ञापन पत्र पर अगले 15 से 20 दिन में काम शुरू होने की उम्मीद है।

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