देश की खबरें | मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना के लिए पंजीकरण पुन: खोलने पर विचार हो :अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा

नयी दिल्ली, 17 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को आप सरकार से उन वकीलों के लिहाज से दो सप्ताह के लिए पंजीकरण पुन: खोलने पर विचार करने को कहा जो राष्ट्रीय राजधानी में मतदाता हैं और जो चिकित्सा तथा जीवन बीमा कवर वाली 50 करोड़ रुपये की मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना पर दस्तखत नहीं कर सके हैं।

अदालत ने दिल्ली सरकार से बीमा कंपनियों द्वारा निविदाएं प्राप्त करने तथा सफल निविदाकर्ता के साथ अनुबंध करने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा ताकि कंपनी योजना के लिए पंजीकरण कराने वालों को पॉलिसी जारी कर सके।

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अदालत ने कहा कि इन बीमा पॉलिसियों का प्रीमियम दिल्ली सरकार भरेगी। उसने कहा कि योजना के तहत पहले ही पंजीकरण करा चुके वकीलों के लिए प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।

दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव नायर ने न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह से अनुरोध किया कि उन्हें इस मुद्दे को देखने के लिए थोड़ा समय दिया जाए कि योजना का लाभ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के वकीलों को दिया जा सकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे के समाधान का प्रयास करने के लिए सभी पक्षों से बातचीत करेंगे।

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कल्याण योजना में एनसीआर के वकीलों को शामिल करने के संबंध में अदालत ने कहा कि अगर अगली तारीख तक कोई फैसला नहीं लिया जाता तो वह इस संबंध में दलीलों पर सुनवाई करेगी और उचित आदेश जारी करेगी।

अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 28 अगस्त की तारीख तय की है।

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