आरबीआई के कदम से नकदी प्रवाह में वृद्धि होगी : मोदी
मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘ इन कदमों से हमारे छोटे व्यवसायों, किसानों, एमएसएमई और गरीबों को मदद मिलेगी । इसके अलावा अग्रिम सीमा बढ़ाये जाने से राज्यों को लाभ होगा ।
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा घोषित कदमों से भारत में नकदी प्रवाह में वृद्धि होगी और रिण आपूर्ति बढ़ेगा ।
मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘ इन कदमों से हमारे छोटे व्यवसायों, किसानों, एमएसएमई और गरीबों को मदद मिलेगी । इसके अलावा अग्रिम सीमा बढ़ाये जाने से राज्यों को लाभ होगा ।
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी, आर्थिक तंत्र में पर्याप्त नकदी प्रवाह बनाये रखने के उपायों सहित कई कदमों की आरबीआई की घोषणा पर आई है।
वहीं, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिये आरबीआई द्वारा उठाये गए कदमों से लोगों को आजीविका सुरक्षा में मदद मिलेगी, साथ ही नकदी प्रवाह एवं रिण आपूर्ति में वृद्धि होगी ।
नड्डा ने अपने ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है ताकि अर्थव्यवस्था को कोविड-19 के कारण उत्पन्न संकट से निपटने में मदद मिल सके ।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ छोटे एवं मध्यम वित्तीय संस्थानों के पुन: वित्त पोषण के लिये 50 हजार करोड़ रूपये की सहायता... नाबार्ड को किसानों की मदद के लिये 25 हजार करोड़ रूपये, स्टार्टअप और एसएमई को रिण देना सुगम बनाने के लिये सिडबी को 15 हजार करोड़ रूपये तथा नेशनल हाउसिंग बैंक को सभी के लिये घर के वास्ते 10 हजार करोड़ रूपये की मदद जैसे कदम महत्वपूर्ण साबित होंगे । ’’
नड्डा ने इसके साथ ही आरबीआई के गर्वनर द्वारा घोषित कई कदमों का उल्लेख भी किया ।
उन्होंने कहा कि आरबीआई द्वारा आज की गई घोषणा हमारे प्रधानमंत्री की कारोबार और लोकोन्मुखी दृष्टि के अनुरूप है ।
उन्होंने कहा ‘‘ आरबीआई ने 27 मार्च को भी कुछ कदम उठाये थे और उसके ताजा कदम महामारी के दौरान और उसके बाद अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों को आगे बढ़ायेंगे।’’
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते रिजर्व बैंक आर्थिक हालात पर लगातार नजर रखे हुये है और वह आर्थिक तंत्र में पर्याप्त नकदी बनाये रखने के लिये हर संभव कदम उठायेगा।
केन्द्रीय बैंक ने इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर में 0.25 प्रतिशत कटौती कर उसे 3.75 प्रतिशत कर दिया। हालांकि, रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसके साथ ही दास ने राज्यों पर खर्च के बढ़े दबाव को देखते हुये उनके लिये अग्रिम की सुविधा को 60 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। केंद्रीय बैंक लक्षित दीर्घकालिक रेपो परिचालन (टीएलटीआरओ) के जरिए अतिरिक्त 50,000 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करायेगा। यह काम किस्तों में किया जायेगा।
दास ने नाबार्ड, नेशनल हाउसिंग बैंक और सिडबी जैसे वित्तीय संस्थानों के पुन: वित्त पोषण के लिए 50,000 करोड़ रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की।
दीपक
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 17, 2020 04:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

